Breaking News

  • Job Alert : हाउसकीपिंग, इलेक्ट्रीशियन व रिलेशनशिप मैनेजर के पदों पर नौकरी, शिमला में इंटरव्यू
  • सर्विस स्टुअर्ड और किचन हेल्पर के 400 पदों पर भर्ती : कांगड़ा जिला में 4 नवंबर से साक्षात्कार
  • हमीरपुर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर 60 पदों पर भर्ती, 5 नवंबर को होंगे इंटरव्यू
  • चंबा में सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती, 10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका-6 नवंबर तक इंटरव्यू
  • मंडी में महिलाओं के लिए रोजगार : करियर एजेंट के 500 पदों पर भर्ती- 3 से 6 नवंबर तक इंटरव्यू
  • हिमाचल : सहायक वन रक्षक के 500 पदों पर बंपर भर्ती, 12वीं पास और वन मित्रों के लिए सुनहरा मौका
  • धर्मशाला में 30 अक्टूबर को BJP की पदयात्रा : पुलिस ने जारी की Traffic Advisory, जानें रूट और पार्किंग प्लान
  • हमीरपुर के सर्वेश शर्मा को नहीं मिली 3.5 करोड़ की ग्रांट : iDEX और DIO ने दावे को बताया फर्जी
  • आरएनटी पब्लिक हाई स्कूल में मेहंदी प्रतियोगिता, ज्योति सदन की तमन्ना ने मारी बाजी
  • आरएनटी स्कूल रैंखा में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर जागरुकता कार्यक्रम, छात्रों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

हिमाचल के बागवानों की बल्ले-बल्ले, विदेशी सेब की टेंशन खत्म, केंद्र का बड़ा फैसला

ewn24news choice of himachal 10 May,2023 1:24 am

    केंद्र ने न्यूनतम आयात मूल्य 50 रुपये प्रति किलो किया तय

    शिमला। हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने सेब पर न्यूनतम आयात मूल्य 50 रुपये प्रति किलो तय किया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। देश के सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र ने आयात नीति में संशोधन कर 50 रुपये न्यूनतम आयात मूल्य तय किया है। कांग्रेस ने इसे नाकाफी करार दिया है तो भाजपा ने फैसले का स्वागत किया है।
    पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कांगड़ा जिला में लगेंगे विशेष कैंप

    संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने बताया कि विदेशी सेब के कारण हिमाचल के सेब उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ रहा था। ईरान का सेब भारत में औसतन 20 से 25 रुपये के दाम पर आयात होता था। इससे प्रदेश के बागवानों को काफी नुकसान होता था, वह पिछले 3 सालों से आयात मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे थे। वह केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इसे सौ फीसदी करेगी।

    वहीं, कांग्रेस ने इस फैसले को नाकाफी बताया है। हिमाचल किसान कांग्रेस के प्रवक्ता रविंद्र सिंह ने बताया कि यह फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन यह बढ़ोतरी उतनी नहीं है, जितनी होनी चाहिए। सरकार ने 50 रुपए से कम मूल्य के सेब को तो सुरक्षित कर लिया है, लेकिन इससे अधिक के सेब को भी सरंक्षित करने की जरूरत है। आज बाजार में सेब 100 से 120 प्रति किलो बिक रहा है। न्यूनतम आयात मूल्य को बढ़ाकर सौ रुपए किया जाना चाहिए।
    कांगड़ा : दो बाइक की टक्कर में भाई ने तोड़ा दम, बहन घायल

    नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समस्त केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सेब उत्पादकों के लिए एक बड़ा एवं ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा भारत में भूटान को छोड़ विदेश से न्यूनतम 50 रुपए प्रति किलो से कम दाम पर अब सेब नहीं आएगा। केंद्र सरकार के इन आदेशों का सेब राज्य हिमाचल के बागवानों को बड़ा लाभ होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए हम केंद्र सरकार और भाजपा के समस्त नेतृत्व का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।

    उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने सेब पर आयात शुल्क 50 फीसदी लगा दिया है, जिसके लगने के बाद विदेश से आने वाला सेब न्यूनतम 75 रुपए प्रति किलो मिलेगा। उदाहरण के लिए 100 रुपए प्रति किलो का सेब अब भारत में आयात शुल्क लगने के बाद 150 रुपए का मिलेगा। इस सेबों के परिवहन का खर्च अलग से जुड़ेगा।
    हिमाचल JBT भर्ती में बीएड मान्य, संघ बोला-बंद क्यों नहीं कर देते ट्रेनिंग

    अगर पिछले 5 साल में सेब उत्पादन को देखा जाए तो वर्ष 2019-20 कुल पेटियां 3.58 करोड़ (एक पीटी में औसत 20 किलो सेब आता है), 2020-21 में 2.40 करोड़ पेटियां, 2021-22 में 3.22 पेटियां, 2022-23 में 3.52 पेटियां का उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की 4,500 करोड़ रुपए की सेब आर्थिकी को नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

    उधर, हिमाचल किसान कांग्रेस ने सेब के लिए एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग की है। शिमला में मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं किया गया है। ऐसे में मंडियों के उतार चढ़ाव से इसके रेट पर असर पड़ता है।
    Breaking : CUET PG के लिए फिर खुली रजिस्ट्रेशन विंडो, करें आवेदन



    उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वामीनाथन की रिपोर्ट अनाज के लिए दाम तय किया गया है, उसी तरह सेब और आम के लिए भी समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने सेब को वजन के हिसाब से बेचने की व्यवस्था करने के लिए सरकार का आभार जताया, लेकिन साथ में कहा कि सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जाना चाहिए।

    रविंद्र सिंह ने फसलों के लिए मौजूदा बीमा योजना के मुआवजे की प्रक्रिया को भी गलत बताया और कहा कि इसके लिए प्रधान और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा तय किया जाना चाहिए। रविंद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ किसान कांग्रेस की एक बैठक होगी, जिसमें बागवानों और किसानों की ये सभी मांगें रखी जाएंगी।
    हिमाचल में अलग ही रंग दिखा रहा मौसम, मई में भी गर्म कपड़ों से नहीं छूट रहा पीछा


    चिंतपूर्णी से दिल्ली दौड़ी नई HRTC वोल्वो, यह होगी टाइमिंग और किराया-जानें 


    आज की ताजा खबर, ब्रेकिंग न्यूज़, लाइव न्यूज अपडेट पढ़ें https://ewn24.in/ पर,  ताजा अपडेट के लिए हमारा Facebook Page Like करें 

Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather