रेखा चंदेल/घुमारवीं। पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गर्ग ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट देश के हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने यह बात रविवार को घुमारवीं के मिलन पैलेस में आयोजित केंद्रीय बजट श्रवण कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बजट को सुना।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि यह बजट किसान, बागवान, व्यापारी, युवा, गरीब और मध्यम वर्ग के लिए लाभकारी है। बजट पूरी तरह कर मुक्त है और इसमें किसी भी प्रकार का कोई नया कर नहीं लगाया गया है, जिससे आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं से हिमाचल प्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट आत्मनिर्भर भारत की सोच को आगे बढ़ाने वाला है। यह बजट समावेशी विकास, आर्थिक अनुशासन और दीर्घकालीन विकास का संतुलित उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लगभग सात प्रतिशत की निरंतर आर्थिक वृद्धि दर वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।
पूर्व मंत्री ने सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान तथा टेक्सटाइल सेक्टर के लिए इंटीग्रेटेड प्रोग्राम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने से टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास को गति मिलेगी, जिसमें हिमाचल प्रदेश के शहर भी शामिल हैं।
उन्होंने सीनियर सिटीजन्स के लिए टैक्स डिडक्शन लिमिट को एक लाख रुपये करने और 36 जीवन रक्षक दवाओं को ड्यूटी मुक्त किए जाने को आमजन को सीधी राहत देने वाला कदम बताया। किसानों के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों, दलहनों, मत्स्य पालन तथा फल-सब्जियों पर नए मिशन और किसान क्रेडिट कार्ड योजना के विस्तार की भी उन्होंने सराहना की।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि 20 नए जलमार्ग, चार राज्यों में खनिज कॉरिडोर तथा हिमाचल-उत्तराखंड में सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स से पहाड़ी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
एमएसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान, क्रेडिट गारंटी को दोगुना करने और स्टार्टअप्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देगा तथा देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएगा।
उन्होंने वित्तीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर नियंत्रित रखने और कुल व्यय 50.65 लाख करोड़ रुपये के अनुमान को राजकोषीय अनुशासन का प्रतीक बताया। एसेट मोनेटाइजेशन से 10 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना को भी उन्होंने दूरदर्शी कदम करार दिया।
इस अवसर पर घुमारवीं और भराड़ी भाजपा मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार बताया।