घुमारवीं। पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र गर्ग ने दाबला–गतोल सड़क के निर्माण को लेकर कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो भाजपा स्थानीय लोगों के साथ मिलकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय का घेराव करेगी। गर्ग ने दाबला पंचायत में डोर-टू-डोर जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सरकार व तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पर तीखे आरोप लगाए।
राजेंद्र गर्ग ने आरोप लगाया कि तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने जानबूझकर दाबला–गतोल सड़क का निर्माण कार्य लटका दिया है, ताकि इसका श्रेय भाजपा को न मिल सके। उन्होंने कहा कि यह सड़क केवल राजनीतिक दुर्भावना के चलते रोकी गई है और इसकी सजा आम जनता भुगत रही है।
गर्ग ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में दाबला–गतोल सड़क को नाबार्ड में डलवाया गया था और इसके लिए 5 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर कुछ माह पहले लोक निर्माण विभाग द्वारा शिलान्यास पट्टिका भी तैयार कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद तकनीकी शिक्षा मंत्री के इशारे पर उस शिलान्यास पट्टिका को हटा दिया गया और जनहित कार्य पर रोक लगा दी गई।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सत्ताधारी नेताओं को यह डर सताने लगा था कि यदि दाबला–गतोल–तलाई सड़क का निर्माण हो गया, तो इसका श्रेय भाजपा को चला जाएगा। इसी राजनीतिक द्वेष के चलते क्षेत्र के हजारों लोगों को बुनियादी सुविधा से वंचित रखा गया है। राजेंद्र गर्ग ने कहा कि सड़क का निर्माण न होने से इसकी हालत दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है।
बरसात के मौसम में इस मार्ग से गुजरने वाले स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, लेकिन शासन और प्रशासन जनता की पीड़ा से आंखें मूंदे बैठा है। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश भी खुलकर सामने आया।
लोगों ने कहा कि सड़क न होने से उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की रेखा होती है, लेकिन दाबला–गतोल क्षेत्र को राजनीतिक द्वेष के कारण जानबूझकर पिछड़ा रखा जा रहा है।