रेखा चंदेल/झंडूता। हिमाचल के बिलासपुर जिला के घुमारवीं का नाम कल यानी पहली फरवरी को इतिहास में दर्ज होगा। घुमारवीं के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है, जब पहली बार किसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। घुमारवीं में अंडर-19 स्कूली हैंडबॉल प्रतियोगिता का आगाज पहली फरवरी से होगा।
1 फरवरी से 5 फरवरी तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) घुमारवीं में आयोजित हो रही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंच रही टीमों के स्वागत और सफल आयोजन के लिए प्रशासन, शिक्षा विभाग और आयोजन समिति दिन-रात जुटी हुई है।
इस राष्ट्रीय आयोजन को घुमारवीं तक लाने और इसे सफल बनाने के लिए बीते कई महीनों से लगातार मेहनत की गई है। मैदान से लेकर खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक हर व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों में जहां प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं व्यवस्थाएं संभाल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों में भी इसे यादगार बनाने का संकल्प साफ झलक रहा है।
शनिवार को प्रतियोगिता की तैयारियों का निरीक्षण करने अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर आयोजन स्थल पर पहुंचे। विद्यालय परिसर में पहुंचने पर आयोजकों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप मंडलीय अधिकारी (ना.) गौरव चौधरी, उपनिदेशक उच्च शिक्षा रेनू कौशल तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य परमजीत शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने हैंडबॉल मैदान का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने मैदान की समतलता, दर्शक दीर्घा, खिलाड़ियों के लिए निर्धारित क्षेत्र, मैच संचालन और तकनीकी व्यवस्थाओं को देखा और इन्हें संतोषजनक व सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के अनुरूप मैदान को बेहतरीन तरीके से तैयार किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को उत्कृष्ट मंच खेल वातावरण मिलेगा।
इसके पश्चात उन्होंने सांस्कृतिक संध्याओं के आयोजन हेतु तैयार किए गए कला केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां कुछ छोटी-मोटी कमियों को चिन्हित करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पूरी गरिमा और उत्साह के साथ आयोजित किए जा सकें।
अतिरिक्त उपायुक्त ने खिलाड़ियों के भोजन प्रबंध का भी विशेष निरीक्षण किया। मेस व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और समयबद्धता पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और पोषण से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्रतियोगिता के शुभारंभ से पूर्व मेस परिसर में पूजा-अर्चना कर प्रसाद भी वितरित किया गया।
इसके अलावा उन्होंने बाहर से आने वाली टीमों के ठहराव, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन का भी विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता के दौरान किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए और खिलाड़ियों व अतिथियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध करवाई जाए।उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता घुमारवीं ही नहीं, बल्कि पूरे बिलासपुर जिले के लिए गर्व का विषय है।