रेखा चंदेल/घुमारवीं। बिलासपुर जिला के घुमारवीं में 69वीं राष्ट्रीय स्कूल खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत अंडर-19 बालिका हैंडबॉल प्रतियोगिता वर्ष 2025-26 का आगाज हो गया है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का शुभारंभ नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। आयोजन पीएम श्री राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के खेल मैदान में हो रहा है।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा शैक्षणिक बोर्डों की कुल 30 टीमें भाग ले रही हैं। इनमें गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, असम, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, विद्या भारती, डीएवी कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी, सीआईएससीई, नवोदय विद्यालय समिति सहित आदि की टीमों के लगभग 400 खिलाड़ी एवं करीब 100 अधिकारी व कोच भाग ले रहे हैं।
आयोजन समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन, चिकित्सा एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। खेल मैदान को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है तथा दो कोर्ट पर एक साथ मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं।
इस प्रतियोगिता के पहले दिन एक फरवरी को विभिन्न टीमों के मध्य कुल 12 मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मुकाबले में हिमाचल प्रदेश का सामना नवोदय विद्यालय समिति से होगा, वहीं कर्नाटक और पंजाब के बीच भी कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। शाम के सत्र में दिल्ली बनाम तमिलनाडु, केरल बनाम उत्तराखंड तथा चंडीगढ़ बनाम गुजरात जैसे मुकाबले खेल प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण रहेंगे।
बता दें कि इस प्रतियोगिता के आयोजन के साथ हिमाचल के बिलासपुर जिला के घुमारवीं का नाम इतिहास में दर्ज हो गया। घुमारवीं के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है, जब पहली बार किसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।
इस राष्ट्रीय आयोजन को घुमारवीं तक लाने और इसे सफल बनाने के लिए बीते कई महीनों से लगातार मेहनत की गई है। मैदान से लेकर खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक हर व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों में जहां प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं व्यवस्थाएं संभाल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों में भी इसे यादगार बनाने का संकल्प साफ झलक रहा है।