शिमला। लंबे समय से विभिन्न विभागों में संवेदनशील पदों पर आसीन अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया एक बार पुनः शुरू हो गई है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग सहित कुछ अन्य विभागों में तबादले की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं और विभागों को इस प्रक्रिया के लिए तैयारी करने को कहा है।
शुक्रवार को यहां सचिवालय में एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को जवाबदेह और पारदर्शी शासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछले दो वर्ष में इस दिशा में कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने उद्योग विभाग को खनन पट्टों की नीलामी प्रक्रिया में हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट निधियों के उपयोग के लिए नए नियम बनाएगी ताकि धन का उपयोग समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए किया जा सके।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दो वर्ष पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में खनन से प्रदेश सरकार को 240 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार के दक्ष व व्यावहारिक प्रयासों से पिछले वित्त वर्ष में यह राजस्व बढ़कर 314 करोड़ रुपये हो गया तथा इस वित्त वर्ष के अंत तक 360 करोड़ रुपये तक होने की उम्मीद है। इस प्रकार केवल दो वर्षों में राजस्व में 120 करोड़ रुपये की वृद्धि होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है तथा पर्यटन, जल विद्युत, खाद्य प्रसंस्करण, डाटा भंडारण तथा डेयरी क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। इन पहलों से न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने उद्योगों को सस्ती विद्युत उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में सस्ती विद्युत उपलब्ध है।
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नज़ीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक उद्योग डॉ. यूनुस तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।