धर्मशाला। स्टेट कैडर के विरोध में पटवार एवं कानूनगो महासंघ के आह्वान पर जिला भर में पटवारियों एवं कानूनगो ने भारी बारिश के बावजूद धर्मशाला में एकजुटता का परिचय दिया। इस अवसर पर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने विशेष रूप से शिरकत की। साथ ही जिला अध्यक्ष विचित्र ठाकुर के अतिरिक्त अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सामूहिक अवकाश लेकर पटवारियों एवं कानूनगो के छुट्टी पर चले जाने से दूसरे दिन भी काम ठप रहा। लोगों को काम ना होने की सूरत में फिर पटवारखानों से मायूसी हाथ लगी।
पटवार एवं कानूनगो महासंघ का कहना है कि सरकार के अड़ियल रवैये का खामियाजा आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है, जबकि पटवार एवं कानूनगो महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब उनकी नियुक्तियां जिला स्तर पर हुई हैं, तो जबरदस्ती स्टेट कैडर क्यों थोपा जा रहा है।
हालांकि राजस्व मंत्री के उस बयान का भी महासंघ ने खंडन किया, जिसमें मंत्री महोदय द्वारा कहा जा रहा है कि पूर्व की बैठक में राज्य कैडर लागू करने को लेकर संघ से बात हुई है।
सुविधाओं के नाम पर पटवारखानों की खस्ता हालत को तो सुधार करने में सरकार नाकाम रही है और आनन-फानन में फैसले लेने पर उतारू है। कुछ पटवारखाने इतने बदतर हालात में हैं कि वहां पर पटवारी को काम करना मुश्किल हो जाता है।
संघ के मुताबिक पटवारी अपने निजी मोबाइल से ऑनलाइन काम करके सरकार की नीतियों को अमलीजामा पहनाकर कार्य कर रहे हैं। हालांकि पटवारियों की वेतन विसंगति का मुद्दा भी सामने आया।
पदाधिकारियों का कहना है कि पटवारियों से काम टेक्निकल लिया जा रहा है, लेकिन सरकार टेक्निकल स्केल के नाम पर हाथ पीछे खींच रही है। आज के दौर में राजस्व कर्मचारी लगभग 80 फीसदी काम ऑनलाइन कर रहे हैं।
उनका कहना है यदि सरकार ने स्टेट कैडर करना ही चाहती है तो आगामी भर्तियां से इसे लागू करे। दूसरी ओर गुरुवार को भी बहुत से लोग केवाईसी तथा अन्य जरूरी प्रमाणपत्र नहीं बनवा पाए।
पटवारी एवं कानूनगो वर्ग का कहना है कि स्टेट कैडर करने का विरोध करने के पीछे मूलभूत सुविधाओं की कमी के अलावा कहीं कनाल- मरले तो कहीं बीघा- विस्वा की प्रणाली प्रचलित है।
पूरे प्रदेश के राजस्व रिकार्ड में भी एकरूपता नहीं है। उनका कहना है कि सरकार आनन फानन में फैसले ले रही है जो प्रदेश हित में नहीं है। सरकार के इस फैसले से पटवारियों एवं कानूनगो वर्ग की सीनियोरिटी पर भी विपरीत असर पड़ेगा।
इसी कड़ी में गुरुवार को जिला कांगड़ा की समस्त तहसीलों व उप मंडलाधिकारी कार्यालयों के पटवारियों एवं कानूनगो वर्ग ने धर्मशाला में एकजुटता दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।
पटवार एवं कानूनगो महासंघ के सेवानिवृत्त पूर्व अध्यक्ष प्यारे लाल शर्मा ने भी दो टूक शब्दों में राजस्व मंत्री के उस बयान का खंडन करते हुए कहा कि जिसमें सरकार सेवानिवृत्त पटवारी एवं कानूनगो की दोबारा सेवाएं लेने की बात कर रही है।
पूर्व अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि रिटायर राजस्व कर्मचारी भी वर्तमान महासंघ के साथ खड़े हैं तथा वे भी पुनः सेवाएं प्रदान नहीं करेंगे।
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