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तपोवन में कांग्रेस और भाजपा विधायक आमने-सामने, खूब चला नारेबाजी का दौर

ewn24 news choice of himachal 28 Nov,2025 2:21 pm


    एक दूसरे पर लगाए आरोप


    तपोवन (धर्मशाला)। हिमाचल प्रदेश का धर्मशाला तपोवन विधानसभा परिसर कांग्रेस और भाजपा विधायकों के नारेबाजी से गूंज उठा। विधानसभा के गेट नंबर एक पर कांग्रेस और भाजपा विधायक हाथों में तख्तियां लेकर आमने-सामने दिखे। कांग्रेस ने 1500 करोड़ की आपदा राहत, पीडीएनए के 9300 करोड़ रुपए आदि को लेकर हल्ला बोला। वहीं, भाजपा ने कर्मचारियों की देनदारियों और पेंशन भुगतान को लेकर सरकार पर तीखे वार किए।


    बता दें कि तपोवन विधानसभा परिसर में शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत से पहले ही माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर 1500 करोड़ रुपए की आपदा राहत राशि रोकने का आरोप लगाया। साथ ही सवाल किया कि पीडीएनए के 9300 करोड़ रुपए कब मिलेंगे। साथ ही केंद्र सरकार से जनता से भेदभाव बंद करने की मांग उठाई। दूसरी तरफ भाजपा ने कर्मचारियों की ग्रेच्यूटी, मेडिकल बिल और पेंशन न मिलने को लेकर सरकार को घेरा।


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    क्या बोले कांग्रेस विधायक

    कांग्रेस विधायक और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हम प्रदेश के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन विपक्ष सच बोलने पर बौखला जाता है। उन्हें सिर्फ राजनीति करनी है, जनता की चिंता नहीं। हम हर मंच पर हिमाचल की आवाज उठाएंगे। चाहे कोई कितनी भी आलोचना कर ले।

    शाहपुर के विधायक केवल पठानिया ने कहा कि 1500 करोड़ आपदा राहत की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद की थी, लेकिन पैसा अभी तक जारी नहीं हुआ। हम प्रदेश की आपदा राहत के लिए खड़े हैं। यह किसी दल का मुद्दा नहीं, यह हिमाचल की पीड़ा का सवाल है और हम इस पर चुप नहीं बैठ सकते हैं।


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    मुख्यमंत्री की पत्नी व देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि ये प्रदेश की जनता का हक है, कोई राजनीति नहीं। हिमाचल ने भारी तबाही झेली है। राहत राशि हर परिवार की जरूरत है। आज तीसरे दिन भी हम इसी हक की आवाज उठा रहे हैं और तब तक उठाते रहेंगे, जब तक प्रदेश को न्याय नहीं मिल जाता है।

    इंदौरा के विधायक मलेन्द्र राजन ने कहा कि भाजपा शोर मचाने में माहिर है, समाधान देने में नहीं। उनके समय में भी कई आपदा फाइलें केंद्र में अटकी रहीं और आज वही हम पर उंगली उठा रहे हैं। हम प्रदेश की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा सिर्फ भ्रम फैलाने में लगी है।


    क्या कहना है भाजपा विधायकों का


    नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आज विधानसभा के तीसरे दिन भी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने में लगी है। हम शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे, लेकिन कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर हमारे बीच आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। कांग्रेस अपनी गारंटियां केंद्र के पैसों से पूरी करना चाहती है। ऐसा छल एक दिन नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री ने पैसा देने का वादा किया है, लेकिन ये सरकार आपदा राहत को अपने ऐशो-आराम में उड़ाना चाहती है। हम इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।


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    सुलह के विधायक विपिन परमार ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनधारकों के हक को महीनों से रोका गया है। हम आज तीसरे दिन भी यही मांग दोहरा रहे हैं। सरकार सिर्फ भाषण न दे, भुगतान करे। ग्रेच्युटी, मेडिकल बिल और पेंशन जैसे अधिकारों पर राजनीति बेहद शर्मनाक है। कर्मचारी सड़क पर हैं और सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।

     धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार के पास न मुद्दा है, न जवाब है। आपदा के पैसों का पूरा हिसाब गायब है। आज जो तख्तियां लेकर कांग्रेस के विधायक अंदर पहुंचे, वे मुख्यमंत्री की गाड़ी में भेजी गई थीं। यह पूरा ड्रामा मुख्यमंत्री की शह पर हुआ है। प्रदेश को गुमराह करके राजनीति करने की यह कोशिश अब उजागर हो चुकी है।

     
    भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज का कहना है कि कांग्रेस सरकार के पास कर्मचारियों और पेंशनधारकों का पैसा देने का कोई जवाब नहीं है। सारी ऊर्जा नाटक, भाषण और बहानेबाजी में लगी है। प्रदेश का कर्मचारी परेशान है, लेकिन सरकार तमाशा देखने में व्यस्त है। हमें इसका जवाब चाहिए और प्रदेश भी जवाब चाहता है।



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