रेखा चंदेल/झंडूता। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय कोठीपुरा में नशे के खिलाफ कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर राजकुमारी ने विस्तृत रूप से छात्रों को जानकारी प्रदान की। बताया कि नशा आज के समय में एक विकराल समस्या बन चुका है। आज के समय में स्कूल में पढ़ने वाले छात्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिसका प्रभाव उनके शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक, सामाजिक, परिवार और आर्थिक तौर पर हो रहा है। छात्र अपने संस्कारों को भी भूलते जा रहे हैं।
छात्रों में सहनशीलता और अनुशासन का भी आभाव है। माता-पिता के साथ-साथ समाज के भी लिए नशा एक खतरा बना चुका है। हिमाचल जैसे छोटे से प्रदेश में ये मकड़ी के जाल की तरह से फैलता जा रहा है। समय रहते अगर इस पर काबू नहीं पाया गया तो बच्चों को भी धीरे धीरे नशा खोखला कर देगा। छात्रों कोे हमेशा ही इससे दूर रहने की सलाह दी। बच्चों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कहा कि समय-समय पर स्कूलों में नशे के प्रति जागरूकता कार्यशालों का आयोजन भी निरंतर किया जाना चाहिए।
डॉ राजकुमारी ने छात्रों से आग्रह किया कि वे नशा ना करें। युवा अपने नशे की लत को पूरा करने के लिए मां-बाप के गहने, गाड़ियां, मकान जमीन तक बेच रहे हैं। नशे से ग्रसित बच्चों की स्थिति मौत से भी बदतर है।
डॉ राज कुमारी ने प्रधानाचार्य, प्राध्यापक और अध्यापक वर्ग से भी आग्रह किया कि अगर नशा करते बच्चों का मामला उनके संज्ञान में हो तो जानकारी प्रदान करें। परामर्श के माध्यम से भी बच्चों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। जन सहयोग आंदोलन से नशे की तरफ बढ़ते कदमों को रोका जा सकता है।