शिमला। हिमाचल प्रदेश में 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव होंगे। इसे लेकर सरकार ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का पंचायत चुनावों से कोई सीधा संबंध नहीं है, इसे लेकर फैल रही अटकलें निराधार हैं।
शिमला में कैबिनेट मीटिंग खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में अनऑफिशियली पंचायत चुनाव को लेकर बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने जो पंचायत चुनाव को लेकर डेट दी है उससे पहले ही पंचायत के इलेक्शन होंगे।
उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में अनऑफिशियली बताया है कि पंचायत चुनाव की जो भी डेट तय की गई है विभाग उसके मुताबिक तैयारी करेगा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट की जजमेंट को देखने की बात कही थी। हाईकोर्ट के आर्डर को चैलेंज करने की कोई बात नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि डिजास्टर एक्ट तो लगा है, लेकिन जब तक प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती यानी हालात सामान्य नहीं हो जाते हैं डिजास्टर एक्ट लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि डिजास्टर एक्ट लगा है, चुनाव नहीं होंगे। आप इसे पंचायत चुनाव से जोड़ रहे हैं। ऐसा नहीं है। प्रदेश में पंचायत चुनाव हाईकोर्ट की ओर से तय की समय सीमा के अनुसार ही होंगे।
बता दें कि, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को पंचायती राज चुनाव 30 अप्रैल से पहले पूरे करवाने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश न्यायमूर्ति रोमेश शर्मा की खंडपीठ ने 9 जनवरी को यह फैसला सुनाया। अदालत ने इस संबंध में 28 फरवरी तक चुनाव संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए भी कहा है। इसके साथ ही 30 अप्रैल तक पंचायती राज चुनाव संपन्न करवाने के भी आदेश जारी किए गए हैं।