राकेश कुमार/बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश ने आगामी बजट वर्ष 2026-27 में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अपने महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के समक्ष रखे हैं।
संघ ने एक पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश से आग्रह किया है कि इन मांगों को आगामी बजट में शामिल किया जाए। संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। 31 मार्च 2026 तक जेबीटी के 5 हजार से अधिक पद रिक्त होने जा रहे हैं।
वर्तमान में चयन आयोग के माध्यम से 1800 पद भरने की स्वीकृति दी गई है, लेकिन इनमें से केवल लगभग 600 पदों की ही प्रक्रिया शुरू की गई है। संघ ने शेष 1200 पदों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने तथा नए बजट में 3200 अतिरिक्त जेबीटी पद भरने की मंजूरी देने की मांग की है।
इसके साथ ही प्राथमिक स्कूलों में नर्सरी अध्यापकों के 6200 से अधिक रिक्त पदों, छोटे बच्चों की देखभाल के लिए आया के 6200 से अधिक पदों और मल्टी टास्क वर्कर्स के खाली पदों को भरने की भी मांग उठाई गई है।
शिक्षक संघ ने प्राथमिक स्कूलों में पूर्व में संचालित U-12 खेल प्रतियोगिताओं को फिर से राज्य स्तर तक शुरू करने की मांग की है। इसके अलावा अनुबंध पर कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों को वर्ष में दो बार नियमित करने का प्रावधान करने पर भी जोर दिया गया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि सीबीएसई स्कूलों में पहले से कार्यरत अध्यापकों को ही तैनाती दी जाए और अलग से कोई नया कैडर न बनाया जाए। इन स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा तक का प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन सीएचटी के अधीन ही रखा जाए। संघ को उम्मीद है कि राज्य सरकार आगामी बजट में इन सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी।