ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा घाटी ट्रैक पर पठानकोट से जोगिंद्र नगर तक ट्रेन की आवाजाही का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर नहीं है।
पिछले कई वर्ष से ट्रेन सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहे लोगों को उस समय मायूसी हाथ लगी, जब 9 मार्च से ट्रेनें चलने की संभावित समय सारिणी जारी होने के बावजूद रेलमार्ग पर रेल सेवा शुरू नहीं हो पाई। रेलवे विभाग की ओर से तीन जोड़ी ट्रेनों के संचालन की अधिसूचना जारी होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रेल सेवा पटरी पर लौटेगी, लेकिन अंतिम समय पर इसे टाल दिया गया।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समय सारिणी में तकनीकी त्रुटियों के कारण फिलहाल संचालन शुरू नहीं हो सका। हालांकि विभागीय सूत्रों का दावा है कि रेलवे स्टेशनों पर लगभग 70 प्रतिशत तक स्टाफ की कमी भी बड़ी वजह है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि जब पिछले कई महीनों से रेलवे अधिकारी लगातार निरीक्षण और बैठकें कर रहे थे, तो इन त्रुटियों को पहले ही क्यों दूर नहीं किया गया।
6 मार्च को जारी प्रस्तावित अधिसूचना के अनुसार पहले चरण में इस रूट पर तीन जोड़ी ट्रेनों का संचालन होना था। प्रस्तावित समय के अनुसार पठानकोट से सुबह 5 बजे, सुबह 7 बजे और दोपहर 2:40 बजे ट्रेनें बैजनाथ पपरोला के लिए रवाना होतीं। वहीं बैजनाथ पपरोला से सुबह 6 बजे, दोपहर 2:15 बजे और 3:40 बजे ट्रेनें पठानकोट के लिए चलनी थीं।
अगर विभागीय सूत्रों की मानें तो समय सारिणी को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। मिली जानकारी अनुसार टाइम टेबल की त्रुटियों को दूर कर जैसे ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा, इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर ट्रेन सेवा कब तक बहाल हो पाएगी।
इससे पहले 24 फरवरी को रेल सुरक्षा आयुक्त दिनेश चंद देशवाल ने तकनीकी टीम के साथ पठानकोट से बैजनाथ तक छह कोच वाली ट्रेन का सफल ट्रायल किया था। इसके बाद 28 फरवरी को ओएमएस उपकरण के माध्यम से ट्रैक का निरीक्षण भी पूरा कर लिया गया। इसके बावजूद पहली मार्च से अब तक केवल परीक्षण के तौर पर चार कोच वाली ट्रेन रोजाना पठानकोट से जोगिंद्रनगर के बीच अप-डाउन कर रही है।
लोगों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से सिर्फ तारीखें दी जा रही हैं, लेकिन ट्रेनें अब तक पटरी पर नहीं लौटीं। स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि रेलवे लाइन अब अधिकारियों के लिए ‘निरीक्षण और पर्यटन स्थल’ बनकर रह गई है।
रेलवे परामर्श समिति के सदस्य दीपक भारद्वाज ने कहा है कि रेल सेवा शुरू होने को लेकर अभी तक रेलवे विभाग की ओर से कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेनों के संचालन की तिथि भी अभी तय नहीं हुई है। हालांकि, इस परियोजना से जुड़े अधिकांश जरूरी कार्य पूरे किए जा चुके हैं और विभागीय स्तर पर तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे की ओर से आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही ट्रेनों के संचालन की सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।