शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश की जनता, कर्मचारियों और युवाओं के हित में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने जहां एक तरफ स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग में 1400 से अधिक विभिन्न पदों को भरने की हरी झंडी दी, वहीं दूसरी तरफ किसानों, भूमिहीनों और आपदा प्रभावितों के लिए बड़ी राहत योजनाओं का ऐलान किया।
बेरोजगार युवाओं के लिए यह कैबिनेट बैठक बड़ी सौगात लेकर आई है। सुक्खू सरकार ने विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने की मंजूरी दी है:
स्वास्थ्य विभाग: 300 चिकित्सा अधिकारी, 200 स्टाफ नर्स, 250 चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्कर, 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन (ग्रेड-2) के पद भरे जाएंगे।
भर्ती निदेशालय: वर्क इंस्पेक्टर के 400 पदों को सृजित कर तुरंत भरने की मंजूरी दी गई है।
मेडिकल और उच्च शिक्षा: विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 असिस्टेंट प्रोफेसर और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में 17 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती होगी।
करुणामूलक नियुक्तियां: कैबिनेट ने पहले अस्वीकृत हो चुके करुणामूलक मामलों पर मानवीय दृष्टिकोण से दोबारा विचार करने और विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।
अंशकालिक कर्मचारी: 31 मार्च, 2026 तक 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा।
परीक्षा शुल्क वापसी: पूर्ववर्ती हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रद्द किए गए 80 पोस्ट कोड के अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये का परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा।
अध्ययन अवकाश और पितृत्व अवकाश: पढ़ाई के लिए छुट्टी पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरा वेतन मिलेगा, वहीं जॉब ट्रेनीज़ को 15 दिन का पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) मिलेगा।
अतिक्रमण नियमितीकरण नीति-2026: भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों को नियमित करने की नीति को मंजूरी दी गई है, जिसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है।
कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना: जिन किसानों की जमीनें नीलामी के कगार पर हैं, उनके 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज की 50% देनदारी सरकार खुद उठाएगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को सीधा लाभ होगा।
हिमकेयर (Him Care) का नया मॉडल: अब हिमकेयर योजना को बीमा मॉडल के तहत चलाया जाएगा, जिससे लाभार्थियों का स्वास्थ्य बीमा कवर 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख और कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक कर दिया गया है।
भांग की खेती का नियमन: हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन कर चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण और भंडारण को कानूनी दायरे में नियमित किया जाएगा।
राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना (चौथा चरण): स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को ई-बस खरीदने पर 50% और डीजल बस पर 30% सब्सिडी दी जाएगी।
अग्नि प्रभावितों को ₹7 लाख: शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू में आग से पूरी तरह नष्ट हुए मकानों के लिए प्रति परिवार 7 लाख रुपये का विशेष राहत पैकेज मंजूर किया गया है।
ट्रैक्टर मालिकों को राहत: घरेलू उपयोग के लिए खनिज ले जाने वाले ट्रैक्टरों की कंपाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर मात्र 500 रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा बैठक में सोलन जिला के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्रदान करने तथा चंबा जिला के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेले तथा कांगड़ा जिला के इंदौरा स्थित शिवरात्री मेले काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के मेले नेरटी रैत, सोलन जिला के अर्की तहसील के बाड़ीधार मेले सरयांज, चंबा जिला के छिंज मेले गरनोटा तथा मंडी जिला के करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को मंजूरी दी।
बैठक में शिमला जिले के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय, जुब्बल में स्तरोन्नत करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सहारा योजना का सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी। शिक्षा सचिव ने मंत्रिमंडल केे समक्ष सीबीएसई विद्यालयों से संबधित एक प्रस्तुति भी दी।