धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर जाने के लिए अब एक विशेष पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने बोर्ड को इस परीक्षा के आयोजन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। यह कदम चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस पात्रता परीक्षा का आयोजन इसी माह, फरवरी 2026 में किया जाएगा। परीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिनियुक्ति के लिए चुने जाने वाले शिक्षक शैक्षणिक और विषयगत रूप से निर्धारित उच्च मानकों पर खरे उतरें। परीक्षा की शुचिता और गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बोर्ड ने अनुभवी विषय-विशेषज्ञों की मदद से प्रश्न-पत्रों का ब्लूप्रिंट भी तैयार करवा लिया है।
यह परीक्षा शिक्षा विभाग के सभी संवर्गों के लिए अनिवार्य की गई है। इसमें कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रवक्ता (PGT), प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और जेबीटी (JBT) शिक्षक शामिल हैं, जो सीबीएसई स्कूलों में सेवाएं देने के इच्छुक हैं। इसी सिलसिले में 6 फरवरी 2026 को बोर्ड एक विशेष कार्यशाला (Workshop) का आयोजन कर रहा है, जिसमें प्रश्न-पत्रों की रूपरेखा और मार्किंग स्कीम को अंतिम रूप दिया जाएगा।
डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि बोर्ड का अंतिम लक्ष्य एक ऐसी निष्पक्ष चयन प्रक्रिया विकसित करना है, जिससे प्रदेश के मेधावी और योग्य शिक्षकों की सेवाएं सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को मिल सकें। उनका मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल चयन प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि राज्य की समग्र शिक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।