नादौन। हमीरपुर जिला के नादौन के खरीड़ी में 160 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सेंटर बनाया जा रहा है, जिसे जून तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त ब्यास नदी पर 300 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा, जबकि 80 करोड़ रुपये से रिवर राफ्टिंग सेंटर और 100 करोड़ रुपये से वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा।
नादौन विधानसभा क्षेत्र में इसी सत्र से नौ सीबीएसई स्कूल शुरू किए जाएंगे। हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से नया बस अड्डा भी बनाया जा रहा है। प्रदेश में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए पानी की गुणवत्ता सुधार पर 1500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सिद्धार्थ राजकीय महाविद्यालय नादौन के 29वें वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह के दौरान दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 140 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित किया जा रहा है और अगले दो महीनों के भीतर इन स्कूलों में सभी आवश्यक अध्यापक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अलग ड्रेस कोड भी निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में जल्द ही लेक्चरर के 400 और असिस्टेंट लेक्चरर के 400 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा साइंस कॉलेज हमीरपुर के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर में कैंसर अस्पताल के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक भी स्थापित किया जाएगा और 100 करोड़ रुपये की लागत से मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नादौन कॉलेज में आने वाले समय में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। अगले शैक्षणिक सत्र से यहां भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान के साथ एमसीए और एमबीए कोर्स भी प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए पिछली भाजपा सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये बांट दिए, लेकिन फिर भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुणात्मक शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था।
हमने बदलाव व व्यवस्था परिवर्तन किया और आज हम पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। राज्य सरकार ने डॉ. वाई एस परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की, जिसके तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत की दर पर दिया जा रहा है।
साथ ही इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार प्रदान कर रही है। अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रुप में अपनाया गया है। इसके लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसके तहत उन बच्चों का पूरा ध्यान राज्य सरकार रख रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद करके 3800 करोड़ रुपये अर्जित किए, जिससे समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश पर पुरानी पेंशन योजना को बंद करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया है, बल्कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार कर रही है।