धर्मशाला। कांगड़ा जिला में लगातार जारी बारिश को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इस बाबत डीसी हेमराज बैरवा ने एसडीएम, तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों को फील्ड में डटे रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं रहे।
डीसी हेमराज बैरवा ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की तथा राहत पुनर्वास के कार्यों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर आपदा प्रबंधन के कार्यों को लेकर कोताही नहीं बरती जाए तथा सभी विभागों के अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों से संबंधित कार्यों के लिए मुस्तैद रहें।
24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते मुल्थान के रोकारू में बादल फटने से नौ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा किसी तरह का जान माल का नुकसान नहीं है। इसी तरह से भारी बारिश से पालमपुर उपमंडल के शिवा जलविद्युत प्रोजेक्ट के नजदीक एक व्यक्ति के लापता होने तथा एक के घायल होने की सूचना है।
लापता व्यक्ति की तलाश के लिए अभियान चलाया गया है। मुल्थान के पोलिंग तथा चेरन में भूस्खलन के चलते कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 12 के करीब मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसमें 12 परिवारों को अन्य जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है। खनियारा की मनूनी खड्ड में पानी का बहाव बढ़ने के चलते तीन टिप्पर तथा दो जेसीबी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मुल्थान बाजार में दुकानों में पानी घुसने की सूचना प्राप्त हुई है।
डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि जिला प्रशासन राहत तथा पुनर्वास कार्य के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है तथा तमाम अधिकारी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं। जिले में जहां मार्गों पर भूस्खलन इत्यादि हो रहा है, वहां पर जेसीबी जैसी मशीनरी भी तैनात की गई है।
डीसी हेमराज बैरवा ने कहा कि ब्यास नदी में जलस्तर स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने पौंग डैम प्रबंधन के साथ भी संपर्क साधा है, ताकि जरूरत महसूस होने पर पौंग डैम के गेट जल निकासी के लिए खुलवाए जा सकें। उन्होंने सभी नागरिकों व पर्यटकों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। उन्होंने आग्रह किया कि भारी बारिश को देखते हुए अनावश्यक यात्रा न करें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं ।
डीसी हेमराज बैरवा ने जिला वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री 1077 नम्बर पर संपर्क करें। जिला मुख्यालय समेत सभी उपमंडलों में आपदा प्रबंधन केंद्र 24 घंटे चालू हैं।