हरिपुर। देहरा विधानसभा क्षेत्र के हरिपुर में शिवरात्रि से पहले खुदाई और साफ-सफाई में एक पुराना शिव मंदिर निकला है। हरिपुर हेरिटेज डेवलपमेंट कमेटी ने स्थानीय लोगों से सहयोग से खुदाई का काम शुरू किया था। मंदिर तीन पार्ट में है। खुदाई के दौरान दो पार्ट तो ठीक निकल आए हैं, लेकिन एक क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। खुदाई में जलहरी और तीन शिवलिंग नुमा पत्थर मिले हैं। अब मंदिर की साफ-सफाई करवाकर इसमें विधिवत रूप से शिवलिंग की स्थापना की जाएगी।
बता दें कि हरिपुर के मां सरस्वती मंदिर की दशा कई वर्ष से खराब हो चुकी थी, मंदिर प्रांगण के साथ साथ मंदिर पर झाड़ियों ने अपना डेरा डाला हुआ था। हरिपुर हेरिटेज डेवलपमेंट कमेटी ने स्थानीय लोगों से सहयोग से मंदिर के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया और मंदिर में रखरखाव का कार्य करवाया। मंदिर में मां सरस्वती जी की मूर्ति की स्थापना की। मंदिर प्रांगण में ही शिव मंदिर होने के प्रमाण कमेटी को मिला था।
इसके चलते हरिपुर हेरिटेज डेवलपमेंट कमेटी ने स्थानीय लोगों के सहयोग से उस जगह की खुदाई की, जहां शिव मंदिर मंदिर होने के प्रमाण मिले थे। खुदाई और साफ सफाई के बाद गैलरी नुमा छोटा मंदिर निकला। साथ ही जलहरी और शिवलिंग नुमा तीन पत्थर भी मिले। देखा जाएगा कि खुदाई में निकले पत्थर शिवलिंग हैं या नहीं। अगर शिवलिंग निकलते हैं तो इनकी स्थापना मंदिर में दोबारा की जाएगी। नहीं तो नई शिवलिंग स्थापित करने की योजना है।
हरिपुर हेरिटेज डेवलपमेंट कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र धीमान ने बताया कि यहां पर शिव मंदिर होने के प्रमाण मिले थे। इसके चलते खुदाई और साफ-सफाई का अभियान चलाया गया। मंदिर तीन पार्ट में हैं। इसके दो पार्ट तो सही निकल आए हैं, लेकिन एक के क्षतिग्रस्त होने की संभावना है। खुदाई और साफ-सफाई का काम जारी है। मंदिर में शिवलिंग की स्थापना की जाएगी।
गौरतलब है कि हरिपुर पुराना शहर है और गुलेर रियासत की राजधानी रहा है। यहां पर कई प्राचीन किले, मंदिर, कुएं हैं, लेकिन अनदेखी के चलते यह सब अपनी अस्तित्व की जंग लड़ रहे हैं। कई प्राचीन धरोहरें मिट्टी में दफन हैं। अगर क्षेत्र की खुदाई करवाई जाए तो कई प्राचीन स्थल यहां निकल सकते हैं। सरकारी अनदेखी के चलते हरिपुर हेरिटेज डेवलपमेंट कमेटी ने प्राचीन धरोहरों के संरक्षण का बीड़ा उठाया है। इसके लिए हरिपुर क्षेत्र के लोगों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।