Breaking News

  • घुमारवीं : वेदलक्षणा गोवंश को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा प्रदान करने को आवाज बुलंद
  • पराल से भोगरवां मार्ग पर 4.50 करोड़ के दो पुलों का विधायक मलेंद्र राजन ने किया शिलान्यास
  • हिमाचल में SET-2026 की तिथि घोषित, इस दिन होनी प्रस्तावित
  • हिमाचल मौसम अपडेट : 28 को 5 तो 29 अप्रैल को 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
  • शिमला : देवता के आयोजन में हर्ष फायरिंग, महिला को लगी गोली-गई जान
  • कांगड़ा : चाची और भतीजे में घास को लेकर बढ़ा विवाद, एक-दूसरे को किया लहूलुहान
  • डैम साइट प्रोजेक्ट में काम करते गिरा भरमौर का युवक, परिजनों ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
  • शिमला पुलिस का नशे पर वार : मास्टरमाइंड टिटला सहित तीन चिट्टा तस्कर दबोचे
  • धर्मशाला में IPL मैचों के सफल आयोजन को लेकर इंद्रुनाग मंदिर में विशेष हवन और पूजा
  • हिमाचल के चार जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट

घुमारवीं : वेदलक्षणा गोवंश को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा प्रदान करने को आवाज बुलंद

ewn24 news choice of himachal 27 Apr,2026 5:39 pm



    केंद्रीय गोवंश मंत्रालय की स्थापना की भी मांग


    रेखा चंदेल/झंडूता। अखिल भारतीय वेदलक्षणा गोवंश को राष्ट्रमाता/राष्ट्र आराध्या का संवैधानिक दर्जा प्रदान करने, केंद्रीय गोवंश मंत्रालय की स्थापना और एकीकृत केंद्रीय कानून निर्माण को लेकर आवाज बुलंद होने लगी है। बिलासपुर जिला के घुमारवीं में गो सम्मान आह्वान अभियान से जुड़े संत समाज, गो सेवक और नागरिकगण ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। 


    हिमाचल मौसम अपडेट : 28 को 5 तो 29 अप्रैल को 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट 



    इसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 एवं 51A(g) की मूल भावना के अनुरूप अखिल भारतीय वेदलक्षणा गोवंश को राष्ट्रमाता/राष्ट्र आराध्या का संवैधानिक दर्जा प्रदान करने, केंद्रीय गोवंश मंत्रालय की स्थापन और एकीकृत केंद्रीय कानून निर्माण का विनम्र निवेदन किया गया।  

    ज्ञापन के अनुसार आज प्रत्येक भारतवासी स्वयं को भारतीय कहने में गौरव का अनुभव करता है। आपके गरिमामयी मार्गदर्शन एवं शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति के फलस्वरूप ही देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र की सुरक्षा हेतु धारा 370 की समाप्ति जैसे ऐतिहासिक एवं साहसिक कार्य संपन्न हो सके हैं। अखिल भारतीय गोवंश, जो हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक चेतना का मूल आधार है, वह अब आपके द्वारा संवैधानिक संरक्षण की प्रतीक्षा कर रहा है। 



    शिमला : धार्मिक अनुष्ठान में हर्ष फायरिंग, महिला की गई जान-दो आरोपी गिरफ्तार  



    हाल ही मार्च 2026 में ब्रज क्षेत्र के पावन प्रवास के दौरान, वृंदावन के वात्सल्य ग्राम में संतों के सानिध्य में आपके द्वारा किया गया 'गोपूजन' संपूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बना है। उस अवसर पर गोवंश को आपके द्वारा 'जीवनधन' कहकर संबोधित करना, गोमाता के प्रति आपकी प्रगाढ़ श्रद्धा और करुणा को परिलक्षित करता है। जब राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्तित्व स्वयं गोसेवा को प्राथमिकता देता है, तो हम करोड़ों भारतवासियों की आशाएं बलवती हो जाती हैं कि अब इन 'जीवनधन' की रक्षा हेतु निर्णायक कदम उठाए जाएंगे। 

    भूख, दुर्घटना, तस्करी और क्रूर वध के कारण आज 'गोवर्धन' का प्रभाव क्षीण हो रहा है और हमारे पवित्र देशी गोवंश की संख्या निरंतर घट रही है, परन्तु आपकी गोवर्धन परिक्रमा के बाद गो प्रेमियों में पुनः गो के वर्धन की नई आस जगी है। यह अत्यंत विचारणीय विषय है कि भारतीय कृषि और ग्रामीण जीवन का प्राण कहा जाने वाला 'देशी गोवंश' आज भी सड़कों और खेतों में अत्यंत कष्टप्रद स्थितियों में है। संविधान के अनुच्छेद 48 (राज्य के नीति निदेशक तत्व) के अंतर्गत यह स्पष्ट निर्देशित है कि राज्य कृषि और पशुपालन को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रणालियों से संगठित करने का प्रयास करेगा तथा विशेष रूप से गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू पशुओं के वध पर प्रतिषेध (Prohibition) के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।


    हिमाचल में SET-2026 की तिथि घोषित, इस दिन होनी प्रस्तावित 


    इस संवैधानिक अधिदेश (Constitutional Mandate) की पूर्ण अनुपालना अखिल भारतीय स्तर पर एक समान केंद्रीय नीति के अभाव में आज भी एक अपरिहार्य आवश्यकता बनी हुई है। हम सम्पूर्ण भारत राष्ट्र के समस्त संत समाज, गोवैज्ञानिक और प्रबुद्ध नागरिक ईश्वर की शपथ लेकर कहते हैं कि इस आवेदन का उद्देश्य पूर्णतः पवित्र और निस्वार्थ हैं। यह अभियान किसी संस्था या ट्रस्ट द्वारा नहीं, बल्कि वेदलक्षणा गोमाता एवं नंदी बाबा की प्रेरणा से राष्ट्र प्रेमी भारतीयों द्वारा राष्ट्र हित की स्वस्फूर्त भावना से संचालित हैं। 

    भारत के सजग नागरिक, संत समाज एवं समस्त गोभक्त 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के माध्यम से आपको राष्ट्र के संरक्षक के रूप में स्वीकार कर आपके समक्ष गोवंश की वर्तमान पीड़ादायक स्थिति को देखते हुए समाधान के लिए भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्व' के अंतर्गत अनुच्छेद 48 स्पष्ट निर्देश देता है कि राज्य आधुनिक और वैज्ञानिक आधार पर कृषि और गोपालन को संगठित करेगा, विशेष रूप से गायों, बैल, बछड़ों एवं बछड़ियों के वध को प्रतिषिद्ध करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। अतः गोवंश की तस्करी और वध को 'संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखते हुए राष्ट्रव्यापी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 


    पराल से भोगरवां मार्ग पर 4.50 करोड़ के दो पुलों का विधायक मलेंद्र राजन ने किया शिलान्यास  


    सांस्कृतिक एवं विधिक व्यक्तित्व: विभिन्न उच्च न्यायालयों (उत्तराखंड एवं इलाहाबाद) ने अपने ऐतिहासिक निर्णयों में गोवंश को 'विधिक व्यक्ति (Legal Person) के रूप में मान्यता देने और इसे 'राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अनुशंसा की है। गोवंश भारतीय सभ्यता की सांस्कृतिक और आर्थिक धुरी है । अतः भारतीय गोवंश को "राष्ट्र आराध्या" अथवा "राष्ट्रमाता" के रूप में आधिकारिक संवैधानिक मान्यता प्रदान की जाए। 

    एकीकृत कानून की आवश्यकता: वर्तमान में गो संरक्षण के नियम विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न और असंगत हैं। अनुच्छेद 25 के तहत 'धार्मिक स्वतंत्रता और अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त 'गरिमापूर्ण जीवन' (जो पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ा है) के संरक्षण हेतु एक 'एकीकृत केंद्रीय गोसेवा एवं संरक्षण अधिनियम समय की मांग है। अतः केंद्र सरकार को एक स्वतंत्र 'केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय के गठन एवं कठोर दंडात्मक प्रावधानों युक्त केंद्रीय कानून बनाने हेतु निर्देशित करने की कृपा करें।



    कांगड़ा : चाची और भतीजे में घास को लेकर बढ़ा विवाद, एक-दूसरे को किया लहूलुहान  



    आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना गो आधारित प्राकृतिक कृषि के बिना अधूरी है। रासायनिक खाद से दूषित होती भूमि और किसानों की बढ़ती लागत का एकमात्र स्थाई समाधान गोवंश आधारित अर्थव्यवस्था है, अतः इसे शीघ्र लागू किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर 'नंदीशाला' और जिला स्तर पर न्यूनतम एक 'आदर्श गो अभ्यारण्य' अथवा वृहद् गोशाला की स्थापना अनिवार्य हों, जहां निराश्रित गोवंश को ससम्मान आश्रय मिलें। 

    राजमार्ग सुरक्षा एवं चिकित्साः राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर प्रति 50 से 100 किमी पर सुसज्जित 'गो-वाहिनी एम्बुलेंस' और 150 से 200 किमी के अंतराल पर आधुनिक ट्रॉमा सेंटरों की व्यवस्था हो जाएं ताकि दुर्घटनाग्रस्त गोवंश को तत्काल उपचार मिल सकें। शिक्षा एवं सामाजिक सुधार: स्कूली पाठ्यक्रमों में 'गो-विज्ञान' को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएं, ताकि  भावी पीढ़ी गोवंश के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, औषधीय और आर्थिक महत्व को समझ सके। 


    डैम साइट प्रोजेक्ट में काम करते गिरा भरमौर का युवक, परिजनों ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल  



    एकीकृत चारा एवं गोचर संरक्षण नीतिः एक सुदृढ़ 'चारा सुरक्षा कानून' बनाकर चारे के औद्योगिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगे, चारे के अवैध भंडारण एवं अनियंत्रित मूल्य वृद्धि को रोका जाए साथ ही समस्त गोचर, ओरण और वन भूमियों को अतिक्रमण मुक्त कर 'गोचर विकास बोर्ड के अधीन आरक्षित किया जाए, जिससे गोवंश के वर्षभर गोचारण की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। गो सम्मान आह्वान अभियान से जुड़े संत समाज, गो सेवक और नागरिकगण ने पूर्ण विश्वास जताया है कि आपके सक्षम नेतृत्व में इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। 


    शिमला पुलिस का नशे पर वार : मास्टरमाइंड टिटला सहित तीन चिट्टा तस्कर दबोचे 




    हिमाचल और देश दुनिया से जुड़ी हर बड़ी अपडेट पाएं अपने फोन पर, जुड़े WhatsApp ग्रुप के साथ 




    HPRCA ने इस कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का रिजल्ट किया आउट 



    HPRCA : अध्यापकों की विभिन्न श्रेणियों के कुल 808 पदों पर भर्ती, करें आवेदन 



    हिमाचल के 10 खिलाड़ी नेपाल में अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगे दम  



    नूरपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन : पूर्व विधायक अजय महाजन ने घोषित किए जिला परिषद चुनावों के चार उम्मीदवार 



    हिमाचल के युवाओं के लिए CRPF में नौकरी का मौका, 42 रिक्तियों पर होगी भर्ती 



    HPRCA : सहायक स्टाफ नर्स के कंप्यूटर बेस्ड स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित  




Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather