भरमौर। चंबा जिला के भरमौर क्षेत्र से जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में रोजी रोटी कमाने गए एक युवक ने जान गंवा दी। युवक के परिजनों ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मनीश कुमार (24) निवासी भरमौर (जिला चम्बा) के परिजनों ने बताया कि मनीश परिवार का इकलौता कमाने वाला था। वह किश्तवाड़ में डैम साइट के प्रोजेक्ट पर गत एक वर्ष से काम कर रहा था। फोन पर वह अक्सर बताता था कि वह कंपनी में अच्छी पोजीशन पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को 11 बजे के करीब ड्यूटी के दौरान वह 40 फुट ऊंचाई से गिर गया था जिसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किया गया लेकिन रास्ते में 4 बजे के करीब उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाने के बाद भी कंपनी द्वारा उन्हें सूचित नहीं किया गया। आरोप है कि इस घटना के बारे में पुलिस को सूचित नहीं किया गया। किसी तरह का हंगामा न हो, इसके चलते उन्हें जल्द से शव को ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
हादसे के समय मौके पर मौजूद मनीश के एक साथी ने बताया कि मनीश की मार्निंग ड्यूटी थी। इस दौरान वह 40 फुट ऊंचाई पर वैल्डिंग का काम कर रहा था। बिना सेफ्टी उपकरण/बैल्ट के कारण उसे ऊंचाई पर चढ़ा दिया गया।
इस दौरान वैल्डिंग के प्वाइंट के टूट जाने के कारण वह ऊंचाई से नीचे आ गिरा। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों के सहयोग से उसे स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। कर्मचारियों का आरोप था कि अगर वह अपनी सुरक्षा के लिए सेफ्टी उपकरण लेते हैं तो उनके पैसे काट लिए जाते हैं।
जीएमसी के शवगृह के बाहर पहुंचे कंपनी के अधिकारी श्रृषि कुमार के अनुसार इस मामले की कंपनी अपने स्तर पर भी जांच करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी सभी सेफ्टी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए अपने कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण उपलब्ध करवाती है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ठेकेदार के माध्यम से आते हैं, इसकी भी जांच की जाएगी कि कहीं ठेकेदार द्वारा इस मामले में कोताही तो नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि मनीश की मौत का उन्हें काफी दुख है और आश्वासन दिया कि उसके परिजनों को कंपनी की तरफ से पूरा मुआवजा दिया जाएगा।