ऋषि महाजन/नूरपुर। जसूर कस्बे में चल रहा फोरलेन निर्माण कार्य अब लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि बड़ी मुसीबत बन चुका है। मुख्य बाजार क्षेत्र इन दिनों कीचड़ से इस कदर पटा हुआ है कि आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कीचड़ अब दुकानों और घरों के अंदर तक पहुंचने लगा है, जिससे स्थानीय लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें पानी और कीचड़ भरने से हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है। कई महिलाएं और बुजुर्ग फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे लोगों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो प्रशासन हरकत में आया और न ही फोरलेन निर्माण कंपनी ने कोई ठोस कदम उठाया। इससे लोगों में भारी नाराजगी है और लापरवाही को लेकर गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है।
स्थानीय निवासी अश्विनी, काका, राहुल और रवि ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों और कंपनी से मुख्य सड़क पर तारकोल बिछाने की मांग कर चुके हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके, लेकिन हर बार उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया गया। वहीं पूर्व पार्षद अंकित वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को एक बार बाजार में पैदल चलकर लोगों की परेशानियों को समझना चाहिए। उन्होंने प्रशासन और कंपनी के बीच तालमेल की कमी को इस समस्या की बड़ी वजह बताया।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में फैली गंदगी और कीचड़ के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। वहीं स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही भी चुनौती बन गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करवाई जाए और समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।