शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में वर्तमान में एएसआई (ASI) से इंस्पेक्टर रैंक तक केवल 88 महिला अधिकारी कार्यरत हैं, जो आवश्यकता की तुलना में अपर्याप्त हैं। जांच व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं जमीनी स्तर पर पुलिस बल को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विशेष अभियान के अंतर्गत 50 महिला सब इंस्पेक्टर (Sub Inspector) के पदों को सीधी भर्ती द्वारा भरा जाएगा। यह ऐलान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण के दौरान किया है।
वहीं अब राज्य की बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं तथा नशे विशेषकर ‘चिट्टा’ के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार हिमाचल प्रदेश पुलिस में एक हजार अतिरिक्त कांस्टेबलों की भर्ती करेगी।
पुलिस बल में समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कॉन्स्टेबलों को हैड कॉन्स्टेबल पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक B-1 टेस्ट आयोजित किया जाएगा, क्योंकि यह परीक्षा वर्ष 2017 से आयोजित नहीं हुई है। इस निर्णय से लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिलेगी तथा पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में कहा कि पुलिस बल में शामिल होने वाले पूर्व सैनिकों के अनुभव और अनुशासन का सम्मान करती है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार (मानद हेड कांस्टेबल) Honorary Head Constable के रूप में प्लेसमेंट के लिए 20 वर्ष और मानद एएसआई (Honorary ASI) के रूप में प्लेसमेंट के लिए 32 वर्ष की सेवा आवश्यक है।
चूंकि अधिकांश पूर्व सैनिक पुलिस में अपेक्षाकृत बाद में शामिल होते हैं, इसलिए उनके पास लंबी सेवा अवधि शेष नहीं रहती। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूर्व सैनिकों को पुलिस में उनकी प्लेसमेंट के समय Honorary Head Constable तथा Honorary Assistant Sub Inspector के पदों के लिए पात्रता सेवा अवधि में आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा शिमला शहर में भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण संस्थानों को अन्य जिलों में स्थानांतरित करने की नीति के अंतर्गत कम्युनिकेशन एंड टेक्निकल सर्विसेज मुख्यालय को शिमला से हमीरपुर स्थानांतरित किया जाएगा। इस क्रम को और आगे बढ़ाते हुए कुछ अन्य कार्यालयों को भी शिमला से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।
राज्य में वर्तमान में 518 विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) स्वीकृत हैं, जिनमें चम्बा जिले में 478 और लाहौल में 40 SPO तैनात हैं। पुलिस बल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन SPO का पुनर्वितरण कर पुलिस जिला नूरपुर, स्पीति और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में भी तैनात किया जाएगा, जिससे इन भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति और क्षमता को और मजबूत किया जा सके।