कांगड़ा। जिला कांगड़ा पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पालमपुर पुलिस की विशेष टीम ने कड़ी मेहनत और लगातार दबिश के बाद आखिरकार मुख्य महिला तस्कर को पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़ी गई मुख्य आरोपिया की पहचान निशा देवी (40), पत्नी सोनी, निवासी गांव बरियाणा, डाकघर नागरा, तहसील व जिला जालंधर (पंजाब) के रूप में हुई है। वह पिछले कई महीनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रही थी।
इस पूरे मामले का खुलासा पिछले साल 25 नवंबर 2025 को हुआ था, जब पुलिस थाना पालमपुर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर घुग्गर टांडा में एक किराये के कमरे पर छापेमारी की थी। यह कमरा निशा देवी और उसके 20 वर्षीय बेटे मोहित ने किराये पर ले रखा था।
कमरे में रखी लकड़ी की अलमारी के अंदर एक सफेद कैरी बैग से पुलिस को भारी मात्रा में नशा और नकदी बरामद हुई थी:
चिट्टा (हेरोइन): 34 ग्राम चिट्टा (कुल 34 पुड़ियों में पैक)
नकदी: ₹ 4,06,100/- (ड्रग मनी)
इलेक्ट्रॉनिक मशीनें: 2 छोटी वज़न नापने वाली मशीनें
लाल रंग का पर्स: जिसके अंदर दो जोड़ी कान के टॉप्स, दो अंगूठियां, मोहित व निशा देवी के पासपोर्ट और एयरटेल व जियो के 4 मोबाइल सिम कार्ड मिले थे।
पुलिस ने मौके से बेटे मोहित को तो रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था, जिसने कबूला था कि वह अपनी मां के साथ मिलकर चिट्टा बेचने का धंधा करता है, लेकिन मुख्य आरोपी निशा देवी भागने में सफल रही थी।
इस मामले में पुलिस थाना पालमपुर में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत अभियोग संख्या 177/25 दर्ज किया गया था। तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और गहन जांच से पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि निशा देवी ही इस पूरे नेटवर्क की मुख्य मास्टरमाइंड है।
उसे पकड़ने के लिए पालमपुर थाने से एक विशेष गुप्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और आखिरकार 27 मई 2026 को मुख्य तस्कर निशा देवी को जालंधर (पंजाब) से हिरासत में ले लिया। जेल में बंद बेटे के बाद अब मां भी पुलिस की गिरफ्त में है और नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।