तपोवन (धर्मशाला)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की भाषा पर आपत्ति जताते हुए सदन से वाकआउट किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जगत सिंह नेगी को आड़े हाथ लिया।
साथ ही कहा कि अगर मंत्री ऐसी भाषा का प्रयोग करते रहे तो विपक्ष सदन में उनकी बात नहीं सुनेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में धारा 118 में क्या चल रहा है, कौन लोग नीचे से फाइल ला रहे हैं और कौन बोल रहे हैं कि दो दिन में काम कर देंगे। आने वाले समय में इन सब बातों से पर्दा उठेगा।
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के पक्ष में बड़ी बात कही है। तपोवन विधानसभा परिसर में मीडिया के बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर जगत सिंह नेगी के प्रति हीन भावना रखते हैं।
जगत सिंह नेगी मेहनती मंत्री हैं। लोगों की बात सुनते हैं। किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते हैं और वह तथ्यों पर बोलते हैं। आपदा के दौरान जगत सिंह नेगी ने बढ़िया काम किया है। हो सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते जयराम ठाकुर को उनकी बातें चुभती हों। वॉकआउट से कुछ नहीं होता है।
विपक्ष किसी प्रकार की गंभीर टिप्पणी न करे। जयराम ठाकुर के स्वभाव में गुस्सा आ रहा है, हालांकि उनके स्वभाव में गुस्सा नहीं है। इसका कारण भी साफ है। हिमाचल में भाजपा पांच गुट में बंटी हैं। इसमें एक गुट जयराम ठाकुर का है। इससे पकड़ में असर होता है। जयराम ठाकुर की भाजपा में पकड़ ढीली हो रही है।
दूसरा कारण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि हमारे खिलाड़ी अच्छे खिलाड़ी हैं और राजनीति तरीके से अच्छी तरह खेल रहे हैं। इससे भी जयराम ठाकुर चिंतित हैं।
विधायक निधि के मामले में सीएम सुक्खू ने माना कि इसमें कुछ दिक्कत है। विधायक निधि रुकी हुई है। वहीं, विधायकों को सात माह बाद भी बढ़ी हुई सैलरी नहीं मिली है। विधायकों के भत्तों में उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्हें इनकम टैक्स, बिजली बिल, पानी का बिल, हाउस रेंट देना पड़ रहा है। ट्रेजरी ठीक होते ही समस्या का समाधान हो जाएगा। विधायकों की बढ़ी सैलरी मिल जाएगी।