मंडी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में 99.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला मंडी में प्रथम स्थान हासिल करने वाली कोटली की छात्रा अलीशा को सोमवार को एक दिन के लिए उपायुक्त मंडी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उपायुक्त अपूर्व देवगन की विशेष पहल के तहत अलीशा ने पूरे दिन प्रशासनिक गतिविधियों में भाग लेते हुए जिला प्रशासन के कार्यों को नजदीक से देखा और समझा।
एक दिन की उपायुक्त के रूप में अलीशा ने उपायुक्त कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया तथा विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया।
इसके अलावा राज्यव्यापी मेगा मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया और विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों की भूमिका को समझा। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह तथा उपायुक्त अपूर्व देवगन ने उन्हें शॉल और हिमाचली टोपी भेंट कर सम्मानित किया।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि यह पहल बच्चों को प्रशासनिक व्यवस्था और शासन प्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाली छात्रा को एक दिन के लिए उपायुक्त की जिम्मेदारी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और विशेष रूप से मंडी जिला के बच्चे अत्यंत प्रतिभाशाली हैं। आवश्यकता केवल उन्हें सही एक्सपोजर और उचित मार्गदर्शन देने की है। अलीशा ने न केवल जिला मंडी में शीर्ष स्थान हासिल किया है, बल्कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों में भी अपनी पहचान बनाई है, जो पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
उपायुक्त ने कहा कि समाज का दायित्व है कि नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करे। इस प्रकार के प्रयास बच्चों को प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने का अवसर भी देते हैं। उचित प्रोत्साहन और मार्गदर्शन मिलने पर बच्चे जीवन में और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
अलीशा ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक दिन के लिए उपायुक्त की भूमिका निभाना उनके लिए यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसी सपने के सच होने जैसा है और इससे उन्हें अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है।
ऑक्सफोर्ड स्कूल, कोटली की छात्रा अलीशा ने बताया कि उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बनना है। उन्होंने कहा कि आज उन्हें प्रशासनिक कार्यों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिला, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा।
उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता के लिए स्वयं का सही आकलन करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी खूबियों और कमियों की पहचान कर निरंतर मेहनत करनी चाहिए। इस अवसर पर अलीशा की माता तथा उनकी अध्यापिका भी उपस्थित रहीं। उन्होंने अलीशा की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।