Breaking News

  • सर्विस स्टुअर्ड और किचन हेल्पर के 400 पदों पर भर्ती : कांगड़ा जिला में 4 नवंबर से साक्षात्कार
  • हमीरपुर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर 60 पदों पर भर्ती, 5 नवंबर को होंगे इंटरव्यू
  • चंबा में सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती, 10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका-6 नवंबर तक इंटरव्यू
  • मंडी में महिलाओं के लिए रोजगार : करियर एजेंट के 500 पदों पर भर्ती- 3 से 6 नवंबर तक इंटरव्यू
  • हिमाचल : सहायक वन रक्षक के 500 पदों पर बंपर भर्ती, 12वीं पास और वन मित्रों के लिए सुनहरा मौका
  • धर्मशाला में 30 अक्टूबर को BJP की पदयात्रा : पुलिस ने जारी की Traffic Advisory, जानें रूट और पार्किंग प्लान
  • हमीरपुर के सर्वेश शर्मा को नहीं मिली 3.5 करोड़ की ग्रांट : iDEX और DIO ने दावे को बताया फर्जी
  • आरएनटी पब्लिक हाई स्कूल में मेहंदी प्रतियोगिता, ज्योति सदन की तमन्ना ने मारी बाजी
  • आरएनटी स्कूल रैंखा में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर जागरुकता कार्यक्रम, छात्रों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
  • अब पति-पत्नी साथ मिलकर मना सकेंगे करवा चौथ, 29 अक्तूबर को हिमाचल में छुट्टी

सजायाफता कैदियों को हिमकारा का सहारा : नया संबल और आत्म विश्वास, नए रोजगार की राह

ewn24 news choice of himachal 17 Mar,2026 7:05 pm


    जेलों में सुधार, कौशल और सम्मानजनक पुनर्वास की नई इबारत


    धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जेल सुधार की दिशा में शुरू की गई हिमकारा आज राज्य की कारागार व्यवस्था में एक नए युग की शुरुआत है।

    यह पहल जेलों को केवल सजा के स्थान से निकालकर सुधार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के केंद्र के रूप में विकसित करने का सफल प्रयास है। हिमकारा का मूल उद्देश्य है कैदियों को काम के माध्यम से सुधार का अवसर देना, उन्हें व्यावसायिक कौशल से लैस करना और रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जोड़ना है।


    नौकरी के लिए हो जाओ तैयार : मंडी में लगने वाला है रोजगार मेला, भरेंगे 196 पद  



    धर्मशाला में स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के नाम से बनी जेल में भी सजायाफता कैदी इस योजना के तहत विभिन्न काम सीख कर कार्य कर रहे हैं। हिमकारा से उन्हें जीवन में एक नई राह मिली है और आत्म विश्वास जगा है कि सज़ा पूर्ण करने के बाद एक जिम्मेदार नागरिक की तरह वे भी एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिऐ एक नये रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं।

    हिमकारा के अंतर्गत कैदियों को जेल के भीतर ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है और उनसे तैयार किए गए उत्पादों को हिमकारा ब्रांड के तहत बाजार तक पहुँचाया जाता है। इससे कैदियों में न केवल कार्य अनुशासन विकसित होता है, बल्कि उन्हें अपनी मेहनत से कमाई का अवसर भी मिलता है।


    सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला : सभी कैबिनेट रैंक खत्म, 20 फीसदी वेतन-भत्ते भी स्थगित  



    हिमकारा के तहत राज्य की विभिन्न जेलों में कैदियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग कार्यों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से बेकरी एवं कन्फेक्शनरी उत्पाद, सैलून, फाॅस्ट् फूड, कार वॉश, फूलों की नर्सरी, पशुपालन दुग्ध उत्पादन, कारपेंट्री, वेल्डिंग व अन्य तकनीकी कार्य शामिल हैं। इन इकाइयों में कैदी न केवल काम करना सीखते हैं, बल्कि आधुनिक उपकरणों और गुणवत्ता मानकों की जानकारी भी प्राप्त करते हैं, जो उन्हें रिहाई के बाद रोजगार या स्वरोजगार में सहायक बनाती है।

    कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य में हिमकारा स्टोर्स की स्थापना की गई है। इन स्टोर्स के माध्यम से जेलों में बने उत्पाद और अन्य वस्तुएं आम लोगों तक पहुँच रही हैं। इससे एक ओर कैदियों की मेहनत को उचित पहचान मिल रही है, वहीं दूसरी ओर समाज में यह संदेश भी जा रहा है कि जेलों में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।


    Job Alert : केमिस्ट, माइक्रो बायोलॉजिस्ट, ऑपरेटर के भरे जाएंगे पद, हमीरपुर में इंटरव्यू  



    हिमकारा ने कैदियों के जीवन में कई स्तरों पर बदलाव लाया है। काम मिलने से मानसिक तनाव में कमी आई है। कौशल सीखने से आत्म-विश्वास और आत्म-सम्मान बढ़ा है। मेहनत की कमाई से जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हुई है।

    हिमकारा न केवल कैदियों के लिए, बल्कि समाज और प्रशासन के लिए भी लाभकारी साबित हो रही है। एक सुधरा हुआ, प्रशिक्षित कैदी समाज में लौटकर उपयोगी नागरिक बन सकता है। वहीं जेल प्रशासन के लिए यह पहल अनुशासन, उत्पादकता और सकारात्मक माहौल बनाए रखने में सहायक है।


    नालागढ़ : दिन दहाड़े बदमाश ने युवक पर दाग दी गोली, PGI चंडीगढ़ रेफर  


    जेल में विभिन्न गतिविधियों से जुड़े बंदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हिमकारा योजना के तहत इस पहल ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर दिया है। जेल बेकरी में कार्य कर रहे सोम बहादुर, सब्जी एवं फलों की दुकान में कार्यरत बलवींद्र कुमार, कारवॉश में कार्य कर रहे सचिन राणा, डेयरी में कार्यरत अश्वनी कुमार, कारपेंट्री में कार्य कर रहे लक्की राज तथा फूलों की नर्सरी और पाॅलीहाउस में कार्यरत सुशील कुमार और विनय कुमार का कहना है कि सजा के दौरान उन्हें जो हुनर सीखने का अवसर मिला है, वह उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

    उन्होंने बताया कि जेल से बाहर जाने के बाद वे इन कौशलों के आधार पर अपना स्वरोजगार स्थापित करने में सक्षम होंगे और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। साथ ही, इन कार्यों से मिलने वाली पारिश्रमिक राशि का एक हिस्सा वे अपने परिवारों को भी भेजते हैं, जिससे उन्हें अपने परिवार की सहायता करने का संतोष मिलता है।


    हिमाचल के सरकारी कॉलेजों की इंटरनल रैंकिंग जारी, हमीरपुर ने मारी बाजी-संजौली सेकंड


    बंदियों ने यह भी कहा कि दिनभर रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रहने से उनका मानसिक तनाव कम होता है और उन्हें एक सकारात्मक एवं नए जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। जेल अधीक्षक विकास भटनागर कहते हैं कि हिमाचल सरकार द्वारा एक प्रदेश-व्यापी अभियान के तहत इस कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘हिमकारा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सकारात्मक सोच है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि बंदियों को पुनः समाज में एक अच्छे और जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्थापित किया जा सके तथा उन्हें सुधार के साथ एक बेहतर भविष्य की दिशा प्रदान की जा सके।

    विकास भटनागर कहते हैं कि जेलों में इस दिशा में कई प्रकार की गतिविधियां शुरू की गई हैं, जैसे डेयरी, कार वॉशिंग, कारपेंट्री, सैलून, नर्सरी आदि। इन सभी प्रयासों का मुख्य उद्देश्य सुधार और पुनर्वास की दिशा में काम करना है।
    यह देखा गया है कि यदि कैदियों को खाली रखने की बजाय उन्हें किसी न किसी रचनात्मक कार्य में लगाया जाए, तो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। इससे उनकी मानसिकता में सुधार होता है और वे नई कौशल सीख पाते हैं।

    इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए जेलों में इस प्रकार के कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, ताकि बंदी अपना अधिक से अधिक समय रचनात्मक कार्यों में लगा सकें। इससे वे नए रोजगार सीखकर जब जेल से बाहर आएं, तो आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

    जेल अधीक्षक कहते हैं कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप एक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। कई बंदी जेल से रिहा होने के बाद उन्हीं कार्यों को अपनाकर अपना जीवन बेहतर बना रहे हैं, जो उन्होंने जेल के अंदर सीखे थे। जेल अधीक्षक बताते हैं कि लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह धर्मशाला का अपना एक इतिहास है। एक सदी से भी पुरानी इस जेल पुरानी जेल की स्थापना वर्ष 1913 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान एक सब-जेल के रूप में की गई थी। इस स्थान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के कई वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का इतिहास देखा है।

    स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई प्रमुख क्रांतिकारी यहां बंदी रहे। इनमें सबसे प्रमुख नाम लाला लाजपत राय का है, जो 21 अप्रैल 1922 से 9 जनवरी 1923 तक यहां बंदी रहे। इसके अलावा बासी राम, मन्नी राम, पंचम चंद, सरीन चंद और मौलवी हबीबुर रहमान जैसे स्वतंत्रता सेनानी भी अलग-अलग समय में यहां कैद रहे। मौलवी जकारिया लुधियाना भी वर्ष 1922 से 1942 के बीच यहां बंदी रहे। आज यह संस्थान केवल एक जेल नहीं, बल्कि एक सुधार गृह के रूप में कार्य कर रहा है, जहां कैदियों को समाज में पुनः सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार किया जाता है। 


    कुल्लू में शास्त्री, म्यूजिक टीचर, PTI महिला और सुरक्षा गार्ड के पद के लिए होंगे इंटरव्यू



    हिमाचल और देश दुनिया से जुड़ी हर बड़ी अपडेट पाएं अपने फोन पर, जुड़े WhatsApp ग्रुप के साथ 



    हिमाचल में जेबीटी के 600 पदों पर भर्ती शुरू, इस दिन से करें आवेदन


    हिमाचल कैबिनेट : पंचायत चुनाव आरक्षण को लेकर बड़ी अपडेट, 111 विभिन्न पदों को मंजूरी 



    हिमाचल में होम गार्ड वॉलंटियर्स के 700 पदों पर निकली भर्ती, OTR की प्रक्रिया शुरू 



    हिमाचल में 31 मार्च तक बनाएं हिम केयर कार्ड, इसके बाद करना होगा लंबा इंतजार 



    ITI हमीरपुर में हुए कैंपस इंटरव्यू, 6 युवाओं का हुआ चयन-मौके पर मिले ज्वाइनिंग लेटर 



    नूरपुर : बैग में भरकर नशा बेचने निकले थे दो तस्कर, भदरोया के पास दबोचे  





    हिमाचल मौसम अपडेट : अब 19 मार्च को 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट 



    हिमाचल में पंचायत सेक्रेटरी, OTA सहित 331 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, इस दिन से आवेदन 



    हिमाचल होमगार्ड के पदों के लिए ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, घर बैठ कर भी कर सकते अभ्यर्थी 



    हिमाचल लोक सेवा आयोग ने इन पदों पर शुरू की भर्ती, 28 मार्च तक आवेदन 


Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather