ऋषि महाजन/नूरपुर। उपमंडल विधिक साक्षरता समिति, नूरपुर द्वारा राजकीय आर्य डिग्री कॉलेज नूरपुर में मेगा विधिक साक्षरता शिविर के अंतर्गत मॉड्यूल कैंप का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूरपुर दीपाली गंभीर ने की।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपाली गंभीर ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर जागरूकता फैलाई जा रही है।
उन्होंने चिट्टे जैसे नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। नशा न केवल व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करता है बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। नूरपुर पुलिस जिला पंजाब सीमा से सटा बॉर्डर एरिया होने के कारण यहां नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि आय के साधन न होने के कारण कई युवा नशे की पूर्ति के लिए चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ जाते हैं। अवैध नशे में संलिप्त पाए जाने पर 10 से 20 वर्ष तक की कठोर सजा का प्रावधान है, वहीं नशे की लत के शिकार युवा अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष नष्ट कर देते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने की अपील की।
इस अवसर पर एसीएफ निशांत पराशर ने ‘सेव द एनवायरनमेंट, सेव द प्लैनेट’ विषय पर पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया।
बार एसोसिएशन नूरपुर की ओर से अधिवक्ता अंबिका गुलेरिया ने चिट्टा जैसे नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया तथा नशे से जुड़ी कानूनी धाराओं एवं दंड प्रावधानों की जानकारी दी।
वहीं, एसएचओ नूरपुर सुरिंदर धीमान ने आपदा प्रबंधन विषय पर जानकारी देते हुए आपात परिस्थितियों में सतर्कता, प्रशासन के निर्देशों का पालन तथा सही समय पर सही निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया। शिविर में आर्य डिग्री कॉलेज नूरपुर के प्रिंसिपल अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया।