राकेश कुमार/बिलासपुर। बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणात्मक शिक्षा को लक्ष्य बनाते हुए बिलासपुर जिला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिहाड़ा में एक सराहनीय पहल की गई है।
पाठशाला प्रबंधन द्वारा बिना किसी सरकारी सहायता के स्थानीय लोगों के सहयोग से तीन लैपटॉप जुटाए गए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को नियमित रूप से कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जा रही है।
पाठशाला में चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी सप्ताह में तीन से चार दिन लैपटॉप पर काम करते हैं। खाली समय में भी बच्चे स्वयं लैपटॉप खोलना, उसे संचालित करना, टाइपिंग करना तथा अक्षरों को कैपिटल और स्मॉल लेटर में लिखने का अभ्यास करते हैं। बच्चे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड पर प्रार्थना पत्र, निबंध और अन्य लेखन कार्य तैयार कर अपनी दक्षता को निखार रहे हैं।
पाठशाला में कार्यरत अध्यापक खूब सिंह ठाकुर ने बताया कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और तकनीकी समझ विकसित हो रही है। वहीं मुख्य अध्यापिका प्रेमलता ने इस सुविधा के लिए स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त करते हुए स्टाफ की सराहना की, जो निरंतर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में जुटा है।
पाठशाला में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं सूर्यांश, अभिमन्यु, अमित कुमार, डोली, परिवेदा शर्मा, काव्या शर्मा, मुस्कान, शानवी और लव शर्मा नियमित रूप से लैपटॉप पर कार्य कर रहे हैं और बेहतर सीख हासिल कर रहे हैं। यही कारण है कि पाठशाला में विद्यार्थियों की संख्या भी संतोषजनक बनी हुई है।
अध्यापकों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिहाड़ा में करवाकर उन्हें आधुनिक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ दिलाएं।