मंडी। हिमाचल के मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच पर बुधवार सुबह 11 बजे तिब्बती धर्मगुरु और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता परम पावन 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो के जीवन के बारे एक फोटो प्रदर्शनी लगाई गई।
तिब्बती धर्मगुरु ने अपने पूरे जीवन में क्या-क्या काम किया, इसके बारे प्रदर्शनी में जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के जन्मदिवस पर 6 जुलाई 2025 से शुरू कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था।
इसका आयोजन मंडी घोटन कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें दलाई लामा के जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों और उनके शांति, करुणा तथा अहिंसा के संदेश को तस्वीरों के माध्यम से दर्शाया गया।
प्रदर्शनी में दलाई लामा के बचपन से लेकर तिब्बत के आध्यात्मिक नेता बनने तक की यात्रा को प्रस्तुत किया गया है। इसमें तिब्बत के इतिहास, भारत में उनके आगमन और विश्व भर में शांति, करुणा तथा मानवता के संदेश को फैलाने के उनके प्रयासों को तस्वीरों के जरिए दर्शाया गया है। इन चित्रों के माध्यम से उनके जीवन के संघर्ष, आध्यात्मिक विचारों और मानवता के लिए उनके योगदान को भी प्रदर्शित किया गया है।
कार्यक्रम में मंडी की एसडीएम रुपिंदर कौर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने परम पावन दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि दलाई लामा पूरी दुनिया में शांति, सहिष्णुता और करुणा के प्रतीक हैं।
एसडीएम रुपिंदर कौर ने यह भी कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां लोगों को उनके विचारों और सिद्धांतों को समझने का अवसर देती हैं, जो समाज में भाईचारे और मानवता को बढ़ावा देती हैं। इस अवसर पर तिब्बती सेटलमेंट ऑफिसर मंडी जामयांग डोलमा ने कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए दलाई लामा के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला।