धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र दें। अगर जवाब ओएमआर शीट से बाहर लिखा तो एक भी अंक नहीं मिलेगा। मार्च 2026 में आयोजित होने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर बोर्ड प्रबंधन पूरी तरह से सख्त नजर आ रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार परीक्षाओं की शुचिता और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। इस बार की परीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव और चेतावनी बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) को लेकर है। परीक्षार्थियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे इन प्रश्नों का हल केवल उत्तरपुस्तिका में संलग्न OMR शीट पर ही करें।
डॉ. शर्मा ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि यदि किसी परीक्षार्थी ने ओएमआर शीट के अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका के किसी अन्य भाग में एमसीक्यू के उत्तर लिखे, तो उसे उन प्रश्नों के लिए एक भी अंक (Zero Marks) प्रदान नहीं किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं छात्र की होगी।
बोर्ड ने पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा संपन्न करवाने के लिए इस बार विशेष निगरानी तंत्र भी सक्रिय किया है। विशेष रूप से +2 राज्य मुक्त विद्यालय (SOS) डायरेक्ट साइंस श्रेणी के प्रश्नपत्रों के वितरण को लेकर विशेष जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।
डॉ. शर्मा ने परीक्षा केंद्रों के अधीक्षकों को सख्त हिदायत दी है कि प्रश्न पत्र बांटने से पहले विषय, श्रेणी और कोड का सावधानीपूर्वक मिलान सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि या भ्रम की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
परीक्षा केंद्रों पर तैनात प्रधानाचार्यों, समन्वयकों और निरीक्षकों (Invigilators) को भी विशेष उत्तरदायित्व सौंपा गया है। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले हर कमरे में तैनात निरीक्षक प्रत्येक छात्र को परीक्षा संबंधी सभी आवश्यक नियमों और ओएमआर शीट भरने की विधि से स्पष्ट रूप से अवगत कराएंगे।
डॉ. राजेश शर्मा ने प्रदेश भर के विद्यार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा या अंकों की हानि से बचने के लिए बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहराई से अध्ययन करें और निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें।