धर्मशाला। कांगड़ा जिले में ग्रामीण विकास से जुड़े गैर सरकारी संगठनों की क्षमता को सुदृढ़ करने तथा नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से नाबार्ड, जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) कार्यालय, कांगड़ा द्वारा धर्मशाला में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के परिचय से हुई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए एनजीओ प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संगठनों की गतिविधियों और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी साझा की।
इस अवसर पर डीडीएम, नाबार्ड हिमांशु साहू ने अपने संबोधन में ग्रामीण विकास में गैर सरकारी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला तथा नाबार्ड द्वारा समर्थित विभिन्न कार्यक्रमों जैसे माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम (MEDP), लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम (LEDP) तथा अन्य विकासात्मक पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण परियोजना प्रस्ताव और पारदर्शी कार्यान्वयन ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण नाबार्ड के ENGAGE पोर्टल का विस्तृत प्रदर्शन (डेमो) रहा। प्रतिभागियों को बताया गया कि अब से नाबार्ड द्वारा गैर सरकारी संगठनों से प्राप्त होने वाले परियोजना प्रस्ताव (Proposals) तथा दावों (Claims) को ENGAGE पोर्टल के माध्यम से ही ऑनलाइन स्वीकार किया जाएगा।
इस दौरान पोर्टल पर पंजीकरण, प्रस्ताव अपलोड करने तथा विभिन्न चरणों में आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। उपस्थित प्रतिभागियों ने पोर्टल के उपयोग से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया।
कार्यशाला में 11 गैर सरकारी संगठनों के 40 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। अंत में डीडीएम, नाबार्ड ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि गैर सरकारी संगठनों और नाबार्ड के बीच सहयोग से जिले में सतत और समावेशी ग्रामीण विकास को और गति मिलेगी। प्रतिभागियों ने भी इस प्रकार की कार्यशालाओं को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इन्हें समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।