नूरपुर। एक तरफ भारी बारिश के चलते पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरो गेज ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही बंद हो गई है, दूसरी तरफ ब्रॉड गेज की डीपीआर (DPR)को मंजूरी मिल गई है।
भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने का मुद्दा लोकसभा में उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस रेलखंड के गेज परिवर्तन को लेकर यातायात अध्ययन, सर्वेक्षण, निजी अथवा पेशेवर एजेंसी को दिए गए कार्य तथा परियोजना की आगामी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी मांगी।
डॉ. राजीव भारद्वाज के अतारांकित प्रश्न संख्या 612 के लिखित उत्तर में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज खंड लगभग 200 किलोमीटर लंबा है और इसके गेज परिवर्तन के सर्वेक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक पेशेवर एजेंसी को नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय सर्वेक्षण और यातायात अध्ययन पूरे किए जा चुके हैं तथा अब DPR तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के गेज परिवर्तन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलवे लाइन हिमाचल प्रदेश, विशेषकर कांगड़ा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल संपर्क है। इस रेलखंड के आधुनिकीकरण से भविष्य में क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की संभावनाओं को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि DPR की प्रक्रिया शुरू होना इस लंबे समय से उठ रही मांग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय लोगों की आवाजाही सुगम होने के साथ पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने उत्तर में यह भी स्पष्ट किया कि DPR तैयार होने के बाद परियोजना को विभिन्न हितधारकों, जिनमें संबंधित राज्य सरकारें भी शामिल हैं, के साथ परामर्श तथा नीति आयोग और वित्त मंत्रालय जैसे संबंधित स्तरों से आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। हितधारकों के साथ परामर्श निरंतर और गतिशील प्रक्रिया होने के कारण फिलहाल परियोजना के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती।
डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश से जुड़े रेल विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के विषयों को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे। उन्होंने पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के गेज परिवर्तन की DPR प्रक्रिया को स्वीकृति देने और सर्वेक्षण को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
बता दें कि रेल कर्मियों की सूझबूझ से पठानकोट-जोगिंद्रनगर ट्रैक पर तलाड़ा में बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। भारी बारिश के चलते तलाड़ा में रेलवे ट्रैक के पास जमीन धंस गई, जैसे ही कर्मचारियों को इस बात का पता चला तो उन्होंने बासा फाटक पर ट्रेन को रोक दिया। अगर ट्रेन इस ट्रैक से गुजरती तो कोई भी हादसा हो सकता था।
बता दें कि कांगड़ा घाटी ट्रैक पर एक बार फिर ट्रेन की आवाजाही थम गई है। पठानकोट, नूरपुर रोड़ के बीच तलाड़ा में जमीन धंसने से ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं। अब अगले आदेशों तक ट्रेन सेवा बंद रहेगी। सुबह पांच बजे पठानकोट से बैजनाथ पपरोला के लिए पहली ट्रेन रवाना हुई। तलाड़ा के पास ट्रैक के साथ जमीन धंसने से ट्रेन को बासा फाटक पर रोक दिया गया। ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के चलते अगली ट्रेन पठानकोट से रवाना ही नहीं हुई।