धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने राज्य मुक्त विद्यालय (SOS) के सितंबर-2026 सत्र में भारी लापरवाही बरतने वाले प्रदेश के 129 अध्ययन केंद्रों पर कड़ा संज्ञान लिया है। अनिवार्य होने के बावजूद इन केंद्रों द्वारा 'पर्सनल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम' (PCP) कक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं। शिक्षा बोर्ड ने अब इन संस्थानों को अल्टीमेटम जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कक्षाएं लगाकर रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, तो संबंधित अध्ययन केंद्रों का परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा।
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि पूर्व में ही सभी अध्ययन केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि SOS के तहत नव-प्रवेशित और अतिरिक्त विषय लेने वाले छात्रों के लिए PCP कक्षाएं लगाना अनिवार्य है। इसके बावजूद 129 केंद्रों ने न तो निर्देशों का पालन किया और न ही बोर्ड मुख्यालय को कोई रिपोर्ट भेजी।
अब बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि सभी केंद्र तत्काल प्रभाव से पात्र परीक्षार्थियों के लिए कक्षाएं आयोजित करें और बिना किसी देरी के इसकी रिपोर्ट कार्यालय को भेजें। बोर्ड ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी भी छात्र का परिणाम रुकता है, तो इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी संबंधित अध्ययन केंद्र की ही होगी।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि SOS जमा दो कक्षा के Direct Science Stream के परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र आवंटित करते समय परीक्षा केंद्र विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने स्पष्ट किया कि SOS Direct Science Stream के अंतर्गत पंजीकृत परीक्षार्थियों को उनके पंजीकृत विषयों के अनुरूप केवल SOS Direct के निर्धारित Physics, Chemistry, Biology एवं Mathematics विषयों के प्रश्नपत्र ही आवंटित किए जाएं।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नपत्रों के वितरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही अथवा परीक्षार्थी को गलत प्रश्नपत्र आवंटित किया जाना गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित परीक्षा केंद्र के केंद्र अधीक्षक एवं प्रभारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बोर्ड अध्यक्ष ने सभी संबंधित संस्थानों को इस मामले को 'अति आवश्यक' मानते हुए आदेशों की त्वरित अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के शैक्षणिक हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा, इसलिए सभी परीक्षा व अध्ययन केंद्र अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से करें।