Breaking News

  • Job Alert : हाउसकीपिंग, इलेक्ट्रीशियन व रिलेशनशिप मैनेजर के पदों पर नौकरी, शिमला में इंटरव्यू
  • सर्विस स्टुअर्ड और किचन हेल्पर के 400 पदों पर भर्ती : कांगड़ा जिला में 4 नवंबर से साक्षात्कार
  • हमीरपुर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर 60 पदों पर भर्ती, 5 नवंबर को होंगे इंटरव्यू
  • चंबा में सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती, 10वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका-6 नवंबर तक इंटरव्यू
  • मंडी में महिलाओं के लिए रोजगार : करियर एजेंट के 500 पदों पर भर्ती- 3 से 6 नवंबर तक इंटरव्यू
  • हिमाचल : सहायक वन रक्षक के 500 पदों पर बंपर भर्ती, 12वीं पास और वन मित्रों के लिए सुनहरा मौका
  • धर्मशाला में 30 अक्टूबर को BJP की पदयात्रा : पुलिस ने जारी की Traffic Advisory, जानें रूट और पार्किंग प्लान
  • हमीरपुर के सर्वेश शर्मा को नहीं मिली 3.5 करोड़ की ग्रांट : iDEX और DIO ने दावे को बताया फर्जी
  • आरएनटी पब्लिक हाई स्कूल में मेहंदी प्रतियोगिता, ज्योति सदन की तमन्ना ने मारी बाजी
  • आरएनटी स्कूल रैंखा में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर जागरुकता कार्यक्रम, छात्रों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

IGMC मारपीट मामला : हिमाचल में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश से लोग हुए परेशान

ewn24 news choice of himachal 26 Dec,2025 6:41 pm


    शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला (IGMC) में डॉक्टर राघव नरूला को टर्मिनेट करने के फैसले से गुस्साए चिकित्सक संगठनों ने शुक्रवार को एक दिन का सामूहिक अवकाश किया। इससे ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं। 


    Job Alert : सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर की भर्ती, भोरंज में इंटरव्यू  


    हालांकि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन आईजीएमसी शिमला के अध्यक्ष सोहिल शर्मा ने कहा कि हमारी शिकायतों को विस्तार से सुनने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हैं। 

    हमने डॉ. राघव नरूला के बारे में अपनी मांग रखी, जिनके लिए मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुसार जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में घुसकर डॉक्टरों को धमकाने वाली भीड़ के खिलाफ कार्रवाई का भी वादा किया है। इसके अलावा, डॉक्टरों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संशोधित गाइडलाइंस जारी की गई हैं।


    ज्वालाजी : HPVHA में ORW पदों के लिए भर्ती, 6 जनवरी को इंटरव्यू



    दरअसल, आईजीएमसी में 22 दिसंबर को डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट मामले में सरकार ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला की सेवा समाप्ति के आदेश दिए। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सख्त रुख के बाद की गई। जिसके खिलाफ डॉक्टर संगठनों ने मोर्चा खोला।

    सामूहिक अवकाश के चलते अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित हुई। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं जारी रही। डीडीयू शिमला में ओपीडी सेवा बंद रही जबकि इमरजेंसी सेवाएं मरीजों को मिली। आईजीएमसी शिमला की बात करें तो यहां सिर्फ भी इमरजेंसी सेवाएं चलती रही और ओपीडी सेवाएं बंद रही। जबकि यहां कंसल्टेंट अपनी सेवाएं दे रहे थे। 


    ऊना में 8वीं, 10वीं, 12वीं, एमबीए और स्नातक पास युवाओं के लिए नौकरी-इस दिन इंटरव्यू 



    धर्मशाला अस्पताल में भी ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। जिसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोई भी डॉक्टर सुबह से ओपीडी में नहीं बैठा।

    आरडीए के अध्यक्ष डॉ. सोहेल शर्मा ने आरोप लगाया कि डॉ. राघव को जान से मारने और देश छोड़ने की धमकी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि यह धमकी नरेश दास्टा नामक व्यक्ति ने दी है। एसोसिएशन ने मांग उठाई कि धमकी मामले में तुरंत एफआइआर दर्ज की जाए। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि आइजीएमसी परिसर में भीड़ ने डॉक्टरों को धमकाया। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई। अस्पताल परिसर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है।


    स्वारघाट : भूमि तकसीम में देरी से परेशान बीर सिंह, मुख्यमंत्री से मांगी राहत  



    क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। अस्पताल में डॉक्टरों ने ओपीडी में सेवाएं नहीं दी। चिकित्सकों ने शुक्रवार को अस्पताल परिसर में गेट मीटिंग की। वहीं, चिकित्सक एशोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र कोहली ने कहा आईएमजीसी के चिकित्सक को जिस पद हटाया गया है वो गलत है। इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    सोलन क्षेत्रीय अस्पताल समेत जिले के अस्पतालों में चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर होने से मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा । सुबह मरीजों को चिकित्सकों के सामूहिक अवकाश की जानकारी नहीं थी। ऐसे में दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।


    नूरपुर : फोलिक एसिड टेबलेट खाकर निजी स्कूल के पांच छात्र बीमार, भेजने पड़े अस्पताल



    इसी बीच बर्खास्त किए गए डॉक्टर राघव नरूला की मां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा अपने मां बाप के बारे में कुछ गलत नहीं सुन सकता। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बिना पूरी बात सुने मेरे बेटे को गुंडा कहा। राघव की मां ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। 

    आईजीएमसी में मरीज और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद प्रदेश भर में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हुई। शुक्रवार को प्रदेश भर में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश पर जाने से मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। रामपुर स्थित चार जिलों के मुख्य अस्पताल खनेरी में शुक्रवार को मरीज तो अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर न मिलने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ा। अस्पताल की आपातकाल ओपीडी में मरीज कतारों में उपचार के लिए खड़े रहे। विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उपचार न मिलने से उनके तीमारदारों में भी रोष दिखा। 


    हिमाचल और देश दुनिया से जुड़ी हर बड़ी अपडेट पाएं अपने फोन पर, जुड़े WhatsApp ग्रुप के साथ 




    मंडी : अवैध मछली आखेट पर कड़ी कार्रवाई, 3000 रुपए का जुर्माना वसूला






Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather