ऋषि महाजन/नूरपुर। नूरपुर तहसील के अंतर्गत राजा का बाग स्थित एक निजी स्कूल में फोलिक एसिड की टेबलेट दिए जाने के बाद करीब पांच बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। एहतियातन कुछ बच्चों को सिविल अस्पताल नूरपुर जबकि एक बच्चे को परिजनों द्वारा पठानकोट के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया।
अचानक बीमार हुए बच्चों में से अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सिविल अस्पताल में भर्ती छठी कक्षा की एक छात्रा की माता ने बताया कि उनके पति शिमला में नौकरी करते हैं। स्कूल प्रशासन की ओर से लगातार फोन किए जा रहे थे। बेटी की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही वह उसे लेकर पठानकोट के निजी अस्पताल पहुंचीं, जहां डॉक्टरों द्वारा दी गई दवा से छात्रा की हालत में सुधार हुआ।
स्कूल की प्रधानाचार्य मेघना महाजन ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि बच्चों को दी गई फोलिक एसिड टैबलेट केंद्र सरकार की योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दी गई थी। उन्होंने बताया कि टैबलेट देने के बाद स्कूल के पांच बच्चों में हल्की प्रतिक्रिया देखी गई, जिसके तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच शुरू की।
उन्होंने कहा कि जैसे ही बच्चों में असहजता दिखाई दी, उन्हें तुरंत उनके घर भेजा गया। जिन बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब थी, उन्हें सिविल अस्पताल नूरपुर भेजा गया। राहत की बात यह रही कि अस्पताल ले जाया गया बच्चा भी कुछ ही देर में स्वस्थ होकर घर लौट आया, जबकि अन्य बच्चे घर पर ही सामान्य हो गए।
वीएमओ नूरपुर डॉ. दिलवर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को तुरंत स्कूल भेजा गया। उन्होंने कहा कि यह टैबलेट केंद्र व प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पहले भी स्कूलों में दी जाती रही है। कुछ बच्चों में प्रतिक्रिया क्यों हुई, इसका पता लगाया जा रहा है। स्कूल में भेजी गई सभी टैबलेट्स को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
उन्होंने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। कुल पांच बच्चों की तबीयत खराब हुई थी, जिनमें से तीन बच्चों को स्कूल में ही थोड़ी देर निगरानी में रखने के बाद स्वस्थ पाए जाने पर घर भेज दिया गया। एक बच्चे को पठानकोट के निजी अस्पताल में करीब आधे घंटे निगरानी में रखा गया, जिसके बाद उसे भी छुट्टी दे दी गई। फिलहाल सभी बच्चे स्वस्थ हैं।
इस मामले में इंस्पेक्टर प्यार सिंह ठाकुर इंस्पेक्टर का कहना है कि 25 तारीख छुट्टी है तो 26 दिसंबर को वह इसकी जांच करेंगे और पता लगाएंगे कि ऐसा कौन से कारण है जिसके कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी है।
फोलिक एसिड आयरन टैबलेट किस कंपनी की बनी हुई थी और उसकी मैन्युफैक्चरिंग डेट क्या है और एक्सपायरी डेट क्या है इसका भी ख्याल रखा जाएगा और स्कूल मैनेजमेंट ने क्या यह गोलियां बच्चों को किसी चिकित्सक की सलाह पर दी थी जिसे दवाइयां का अनुभव स्कूल में हो। सारे तथ्यों पर जनता से छानबीन करने के बाद रिपोर्ट बीएमओ गंगथ को दी जाएगी।