शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई, 2026 को होंगे। अगर आपने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मत डाला है और आप सोच रहे हैं कि आपका वोट होगा तो यह गलती मत करना।
राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में अपना नाम जरूर चेक कर लें। स्थानीय निकायों में मतदान करने के लिए मतदाता का नाम राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है।
बता दें कि भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) दो भिन्न-भिन्न संस्थाएं हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग लोकसभा और विधानसभा के निर्वाचन संपन्न करवाता है और राज्य निर्वाचन आयोग शहरी निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाता है।
वहीं, भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र केवल आपकी पहचान बताता है और किसी भी स्थिति में यह मतदान का अधिकार प्रदान नहीं करता है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची जरूर चेक कर लें।
कोई भी मतदाता वोटर सारथी ऐप के माध्यम से भी मतदाता सूची में अपना और अपने परिवार व संबंधियों का नाम देख सकता है। वोटर सारथी एप राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट sechimachal.hp.gov.in तथा Play Store पर भी उपलब्ध है। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में आखिरकार पंचायत चुनाव की घोषणा हो गई है। चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई, 2026 को होंगे। निर्वाचन कार्यक्रम की अधिसूचना 29 अप्रैल को जारी होगी। 7, 8 और 11 मई को सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक नामांकन पत्र दाखिल होंगे। नामांकन पत्रों की जांच 12 मई को सुबह 10 बजे से की जाएगी।
उम्मीदवार 14 और 15 मई को सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक नाम वापस ले सकते हैं। नामांकन पत्र वापसी के बाद 15 मई को चुनाव चिन्ह बांटे जाएंगे। मतदान केंद्रों की सूची 7 मई या इससे पहले प्रकाशित होगी। ग्राम पंचायत वोटों की गिनती मतदान समाप्ति के बाद पंचायत मुख्यालय में की जाएगी। पंचायत समिति और जिला परिषद के मतों की गिनती 31 मई, 2026 को सुबह 9 बजे से विकासखंड मुख्यालय में की जाएगी।
बता दें कि हिमाचल की 3,754 पंचायतों में चुनाव होंगे। आनी और नग्गर की 2 पंचायतों का कार्यकाल 2027 में पूरा होने के कारण यहां अभी चुनाव नहीं होंगे। पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद आदर्श चुनाव आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। पंचायत चुनाव में 50 लाख 79 हजार मतदाता मतदान करेंगे।
चुनाव के लिए 21678 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जहां मतदान केंद्रों में मतदाताओं की संख्या अधिक वहां सहायक मतदान केंद्र बनेंगे। जरूरत के अनुसार महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
लाहौल स्पीति के काजा में पंचायत लांगजा में राजकीय प्राथमिक पाठशाला कौमिक में 4587 मीटर ऊंचाई पर मतदान केंद्र स्थापित किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक ऊंचाई वाला केंद्र है। विकास खंड पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत भाटावली में सबसे अधिक 4623 और विकास खंड पूह की ग्राम पंचायत सुमरा में सबसे कम 178 मतदाता हैं।
विकास खंड पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत भाटावाली के वार्ड संख्या 7 में सबसे अधिक 723 और विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत करियां के वार्ड संख्या 8 में सबसे कम 17 मतदाता हैं। पंचायत चुनाव के प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग रंग के 60 लाख मतपत्र मुद्रित करवाए गए हैं। पंचायत सदस्य के लिए सफेद, उप प्रधान के लिए पीला, प्रधान के लिए हल्का हरा, बीडीसी सदस्य के लिए गुलाबी और जिला परिषद के लिए हल्का नीला होगा।