नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला स्थित हरिपुरधार में हुए बस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में 14 लोगों ने जान गंवाई है। प्रधानमंत्री ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। प्रदेश भाजपा नेताओं ने इस संवेदनशीलता और त्वरित सहायता के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से फोन पर संपर्क कर पूरी घटना, राहत एवं बचाव कार्यों तथा घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। नड्डा ने कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है और दुख की इस घड़ी में केंद्र सरकार व भारतीय जनता पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
दुर्घटना के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने घायलों और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। राज्य सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी घायलों का हाल-चाल जाना और मृतक आश्रितों के प्रति संवेदना प्रकट की।
वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उधर, भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने घायलों का कुशलक्षेम पूछा और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
बता दें कि सिरमौर जिले के हरिपुरधार के पास शुक्रवार दोपहर 2:40 बजे एक ओवरलोड निजी बस सड़क से 100 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में चालक समेत 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 52 घायल हुए हैं। शिमला से कुपवी जा रही 37 सीटर बस एचपी-64-6667 में 66 यात्री सवार थे।
बताया जा रहा है कि सड़क पर पाला जमने से बस स्किड हो गई। हादसे में जीत कोच बस के परखच्चे उड़ गए। छत व टायर अलग हो गए। मृतकों में सभी सिरमौर और शिमला जिले के हैं। इस हादसे में घायल 17 लोगों का उपचार नाहन मेडिकल कॉलेज, 18 का राजगढ़, 15 का सोलन में चल रहा है, जबकि एक पीजीआई चंडीगढ़ और एक आईजीएमसी शिमला रेफर किया है।
उधर, सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। साल 2008 में खरीदी इस निजी बस की अगले महीने फिटनेस खत्म होनी थी। इसका परमिट 2028 तक का था। यह दर्जनाक हादसा लोगों को माघी पर्व से पहले गहरे जख्म दे गया है।