ऋषि महाजन/नूरपुर। पुलिस जिला नूरपुर के तहत किसी भी क्षेत्र और किसी भी व्यक्ति से प्राप्त कॉल पर पुलिस 8 से 10 मिनट में पहुंचेगी। 6 जनवरी, 2026 को जिला कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसका नंबर 112 है।
नूरपुर पुलिस जिला नूरपुर की मासिक अपराध बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए एसपी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि 112 नंबर पर जो भी कॉल किसी भी क्षेत्र और किसी भी व्यक्ति से प्राप्त होगी, उसका त्वरित निपटारा होगा।
अभी हमारा एवरेज टाइम पूरे जिला में रिस्पांस और रिपोर्टिंग का 8 मिनट के करीब है, जो कि पुलिस हेडक्वार्टर से फिक्स किया गया है। हमारी कोशिश रहेगी कि 8 से 10 मिनट में पुलिस 112 की कॉल पर तुरंत रिस्पांस करके लोगों तक उनकी समस्याओं का निपटारा करने के लिए पहुंचे।
लोग नशा तस्करी से संबंधित सूचना भी 112 पर दें सकते हैं या संबंधित पुलिस स्टेशन में भी कर सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है। साथ ही अगर किसी की सूचना पर मामला दर्ज होता है तो उस व्यक्ति को उचित इनाम की भी व्यवस्था की जा रही है।
एसपी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि नूरपुर पुलिस जिला की मासिक अपराध बैठक में माह दिसंबर में दर्ज मामलों पर चर्चा हुई। साथ ही संबंधि डीएसपी और एसएचओ से लंबित मामलों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस जिला नूरपुर में वर्ष 2025 में 1120 मामले दर्ज हुए हैं। 2025 में 1008 मामले दर्ज थे।
2025 में एनडीपीएस के 96 मामले दर्ज हुए हैं। 2024 में 79 मामले थे। 2025 में 264 नशा तस्कर दबोचे हैं। वहीं, 2025 में 1 किलो 757 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है। 2024 में 1 किलो 353 ग्राम था। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों पर 22 पंचायतों में नशा निवारण समितियों का भी गठन किया है। इनका रिव्यू समय समय किया जाता है।
एसपी ने कहा कि वर्ष 2026 में भी नशा तस्करी, अवैध खनन, खैर के अवैध कटान और महिला अपराध पर फोक्स रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में चोरी बर्गलरी के मामलों में रिकवरी दर काफी अच्छी है। 54 फीसदी रिकवरी रेट रहा है, जो कि 2024 से ज्यादा है।
एसपी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि पुलिस जिला में ट्रैफिक रेगुलेशन के लिए विभाग को वर्ल्ड बैंक की सहायता से तीन मोबाइल वाहन प्राप्त हुए हैं, जोकि लगातार हाईवे पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं। 32 मील से मिलवां और जसूर से गंगथ इंदौरा में मोबाइल वैन पेट्रोलिंग हो रही है। जिला में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रयास जारी हैं। ट्रैफिक वालंटियर भर्ती किए जा रहे हैं। जवाली में भर्ती किए जा चुके हैं। जसूर में भी कुछ एप्लीकेशन आई हैं।