धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.) भाग-1 और भाग-2 की पुनः परीक्षा (जून-2026) के परिणाम घोषित कर दिए हैं।
शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने मंगलवार को नतीजे जारी करते हुए सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार नहीं करते, बल्कि राष्ट्र के भावी नागरिकों के व्यक्तित्व निर्माण के प्रमुख सूत्रधार होते हैं। इसलिए, एक सशक्त, उत्तरदायी और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक आधारशिला गुणवत्तापूर्ण शिक्षक ही हैं।
परीक्षा परिणामों के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, डी.एल.एड. भाग-1 (बैच 2024-2026) की पुनः परीक्षा में कुल 208 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 142 अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है, 63 अभ्यर्थियों की री-अपीयर आई है और 3 अनुत्तीर्ण रहे हैं। इस प्रकार भाग-1 का पास प्रतिशत 68.27 रहा।
वहीं, डी.एल.एड. भाग-2 (बैच 2023-2025) की पुनः परीक्षा में कुल 36 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे। इनमें से 26 अभ्यर्थी पास हुए हैं और 10 को री-अपीयर घोषित किया गया है। भाग-2 का परीक्षा परिणाम 72.22 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
बोर्ड की ओर से जानकारी दी गई है कि सभी अभ्यर्थी अपना विस्तृत परीक्षा परिणाम हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.hpbose.org पर देख सकते हैं। इसके अलावा, छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला के दूरभाष नंबर 01892-242142 पर भी कार्यालय समय के दौरान परिणाम से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जो अभ्यर्थी अपने प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें बोर्ड ने री-चेकिंग (पुनः निरीक्षण) और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) का अवसर दिया है। इसके लिए 5 अगस्त से 14 अगस्त, 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन किया जा सकेगा।
शुल्क विवरण: प्रति विषय री-चेकिंग का शुल्क ₹800 और री-इवैल्यूएशन का शुल्क ₹1000 निर्धारित किया गया है।
शर्त: पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए संबंधित विषय में कम से कम 20 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
सफल अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. राजेश शर्मा ने उम्मीद जताई कि ये युवा अपने ज्ञान और नैतिक मूल्यों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करेंगे। साथ ही, जिन अभ्यर्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, उनका हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि वे निराश होने के बजाय सकारात्मक सोच, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगामी परीक्षाओं की तैयारी करें। बोर्ड अध्यक्ष ने दोहराया कि शिक्षा बोर्ड छात्रों के हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।