शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) द्वारा बनाए जा रहे हिम बस कार्ड को बनाने का शुल्क प्रथम वर्ष, जब कार्ड जारी किया जाएगा, उस समय एक वर्ष के लिए 200 रुपए और 18 फीसदी जीएसटी कुल 236 है।
तत्पश्चात आगामी वर्षों में नवीनीकरण हेतु प्रत्येक वर्ष के लिए 150 रुपए और 18 फीसदी जीएसटी कुल रुपए 177 वार्षिक शुल्क के रूप में लिया जाएगा। यह जानकारी हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौर धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा व सुलह के विधायक विपिन सिंह के पूछे सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने मुहैया करवाई है।
जानकारी दी है कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सभी रियायती एवं निःशुल्क श्रेणियां के यात्रियों को रियायती एवं निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए हिम बस कार्ड अनिवार्य किया गया है। महिलाओं को बस किराये में मिलने वाली छूट हेतु इस कार्ड को मुफ्त बनाने बारे अभी कोई मामला विचाराधीन नहीं है।
प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशनुसार निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 के बाद निःशुल्क/रियायती यात्रा श्रेणियां हिम बस कार्ड योजना के अंतर्गत वैध कार्ड के बिना रियायती यात्रा सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगी।
प्रदेश सरकार के दिशानिर्देशनुसार हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सभी रियायती एवं निःशुल्क श्रेणियों के यात्रियों को रियायती एवं निःशुल्क यात्रा सुविधा हेतु हिम बस कार्ड अनिवार्य किया गया है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी इस कार्ड का शुल्क उतना ही रखा गया, जितना कि दूसरी श्रेणियों के लिए है।
वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम में परिचालकों के 508 पद रिक्त हैं तथा रोस्टर सत्यापन, पदवार श्रेणी वितरण तथा अन्य अनिवार्य औपचारिकताएं पूर्ण होते ही अधियाचन चयन प्राधिकारी को शीघ्र प्रेषित कर दिया जाएगा।
निगम की बसों में महिलाओं को किराए में दी जा रही 50 फीसदी रियायत योजना जारी है। प्रति माह औसतन 37,77,940 महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। वर्ष 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 4,91,13,220 महिलाओं ने इसका लाभ लिया।
निगम पर महिलाओं को किराए में दी जा रही किराया रियायत के कारण 82,27,76,340.00 का वित्तीय भार पड़ा। जहां तक महिला यात्रियों व सार्वजनिक परिवहन उपयोग का प्रश्न है तो इसमें किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है।