रेखा चदेल/झंडूता। हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि बिलासपुर से ताल्लुक रखने वाले प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रेम लाल गौतम को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस के मौके पर वर्ष 2025 के लिए पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की है। इस वर्ष देशभर की 131 हस्तियों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। ये सम्मान कला, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा, खेल, समाजसेवा, चिकित्सा और जनसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिए जाते हैं।
इस प्रतिष्ठित सूची में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के डॉ. प्रेम लाल गौतम का भी नाम शामिल है। उन्हें विज्ञान एवं इंजीनियरिंग श्रेणी में कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
डॉ प्रेम लाल गौतम का जन्म 12 दिसंबर 1947 को बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने हिमाचल कृषि कॉलेज, सोलन से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वह कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र के अग्रणी वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं।
डॉ. गौतम ने अपने शोध कार्यों के दौरान गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में अहम भूमिका निभाई। उनके शोध से किसानों की उत्पादकता बढ़ी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली।
अपने लंबे करियर में डॉ. गौतम ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद में उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति और पादप प्रजाति संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष जैसे अहम पदों पर कार्य किया. वर्तमान में वे डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति और करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी, हमीरपुर के प्रो-चांसलर हैं।
पद्म श्री सम्मान मिलने की खबर के बाद बिलासपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर है।यह सम्मान न केवल डॉ. गौतम के लिए, बल्कि प्रदेश के कृषि और वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गौरव की बात है।