ऋषि महाजन/नूरपुर। नूरपुर और आसपास के पूरे इलाके के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से बनकर तैयार खड़े मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द से जल्द जनता के सुपुर्द करने के लिए तैयारियों की रफ्तार अचानक तेज हो गई है।
शुक्रवार को पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय महाजन ने अचानक अस्पताल भवन का सघन निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों में हड़कंप मचा दिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की एमएस, विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित लोक निर्माण विभाग (PWD), जल शक्ति विभाग (Jal Shakti Dept) और बिजली विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
अस्पताल के हर कोने का मुआयना करने के बाद अजय महाजन ने अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक की। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल की इमारत बनकर तैयार है, लेकिन अब जनता को और इंतजार नहीं कराया जाएगा।
पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय महाजन ने कहा कि हमने अस्पताल को पूरी तरह चालू करने के लिए दो महीने का कड़ा लक्ष्य (Deadline) तय किया है। सभी विभाग आपसी तालमेल बिठाएं और प्राथमिकता के आधार पर काम निपटाएं। किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अजय महाजन ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए अस्पताल की अद्यतन स्थिति की जानकारी साझा की :
⚡ बिजली व्यवस्था: बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
🪑 फर्नीचर एवं उपकरण: अस्पताल में लगभग 70% फर्नीचर पहुँच चुका है और शेष सामान की डिलीवरी बहुत जल्द होने वाली है।
💧 पानी व ढाँचागत कार्य: जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग को अंतिम फिनिशिंग का काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह अस्पताल नूरपुर विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास की पंचायतों और कस्बों के लिए एक वरदान साबित होगा। अब गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं को छोटी-छोटी जटिलताओं या बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े अस्पतालों या निजी क्लीनिकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पूर्व विधायक अजय महाजन ने नूरपुर की समस्त जनता की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि राज्य सरकार नूरपुर के स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निरीक्षण में मौजूद अधिकारियों ने भी पूर्व विधायक को भरोसा दिया है कि तय सीमा के भीतर ही सभी शेष कार्य पूरे कर लिए जाएँगे।