धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों के लिए एक अहम खबर है। अगर कोई स्कूल बिना मान्यता के 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं चलाता है, तो किसी भी प्रकार के नुकसान की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE), धर्मशाला ने शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए संबद्धता (Affiliation) प्रक्रिया का पूरा कैलेंडर जारी कर दिया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नई मान्यता (Fresh Affiliation), अपग्रेडेशन या नवीनीकरण (Renewal) के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने जा रही है, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तय की गई है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा के अनुसार, संबद्धता की यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न होगी। इच्छुक निजी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। संबद्धता शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए ही किया जाएगा।
हालांकि, बोर्ड ने स्कूलों को यह निर्देश भी दिए हैं कि वे आवेदन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में बोर्ड द्वारा मांगे जाने पर उन्हें तुरंत उपलब्ध करवाया जा सके।
आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद बोर्ड निरीक्षण का कार्य शुरू कर देगा। प्राप्त आवेदनों के आधार पर 30 नवंबर, 2026 तक सभी संबंधित संस्थानों का निरीक्षण पूरा कर लिया जाएगा। यदि इस इंस्पेक्शन के दौरान किसी स्कूल के दस्तावेजों या बुनियादी ढांचे में कोई कमी पाई जाती है, तो बोर्ड 15 दिसंबर तक संबंधित संस्थान को इसकी सूचना दे देगा।
स्कूलों को इन खामियों को दूर करने के लिए 30 दिसंबर, 2026 तक का समय दिया जाएगा। आपत्तियों का निपटारा होने के बाद संबद्धता पर अंतिम निर्णय 31 जनवरी, 2027 तक स्कूलों को अवगत करवा दिया जाएगा।
डॉ. राजेश शर्मा ने स्कूलों से आग्रह किया है कि आवेदन से पहले वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.hpbose.org) पर उपलब्ध 'Affiliation Rules and Regulations (Prospectus)' का बारीकी से अध्ययन कर लें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नई मान्यता और अपग्रेडेशन चाहने वाले संस्थानों को नियम 16.3.4 और नवीनीकरण (3-5 वर्ष) के लिए आवेदन करने वालों को नियम 16.3.5 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करना होगा। तय नियमों के अनुसार दस्तावेज अपलोड न करने पर आवेदन में कमी मानी जाएगी।
बोर्ड ने सख्त चेतावनी दी है कि बिना संबद्धता कक्षाएं संचालित करने वाले स्कूलों पर कड़ी नजर रहेगी और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा।