शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला के पुराने बस अड्डे से विभिन्न क्षेत्रों के लिए 18 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न रूटों के लिए 18 बसों को रवाना किया।
उन्होंने क्षेत्रवासियों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कैबिनेट मंत्री द्वारा आज जिन 18 विभिन्न रूट पर नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया उनमें शिमला से पहली बस सुबह 8:20 पर चलकर धामी वाया गवाही-कोहबाग पहुंचेगी। इसी तरह शिमला से बरेठी सुबह 10:30, शिमला से खटनोल दोपहर 12:30, शिमला से खटनोल वाया सुन्नी दोपहर 12.40 पर, खटनोल से शिमला वाया सुन्नी, शिमला से चेवग सायं 5:45 पर, शिमला से हरिदेवी-सेरी सुबह 10:20 पर चलेगी।
शिमला से धरोगड़ा दोपहर बाद 2.40 पर, शिमला से चनावग़ वाया पनोह दोपहर बाद 1.30 बजे, शिमला से धरोगड़ा दोपहर 2:40 पर, शिमला से गवाही दोपहर बाद 3:20 पर, शिमला से डुमेहर दोपहर बाद 3:35 पर, शिमला से जलोग सायं 4:10 पर, शिमला से चनावग 4.50 पर, शिमला से पनेहडा सांय 5:00 बजे, शिमला से चेबड़ी सांय 5.10 पर, शिमला से अणु सांय 5:15 बजे, शिमला से नलावन सांय 5:20 पर तथा शिमला से मलावन बस सेवा सांय 7:00 बजे चलेगी।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश का समान विकास करवाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है जिसके लिए हर संभव प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का अधिकतर क्षेत्र शिमला शहर के साथ सटा हुआ है और यहां के अधिकतर लोग सरकारी नौकरी के साथ-साथ किसान एवं बागवान भी हैं जिनका शिमला शहर में रोज का आना जाना रहता है। उनकी समस्याओं को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से बस रूट बढ़ाने के लिए चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एचआरटीसी के बेड़े में खरीदी गई 300 नई इलेक्ट्रिक बसों में से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को 30 इलेक्ट्रिक बेस मिली हैं। उन्होंने कहा कि 18 नई इलेक्ट्रिक बसों को विभिन्न रूट पर आज हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है जिससे काफी हद तक बसों की कमी पूरी हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में शेष बची 12 इलेक्ट्रिक बसों को शीघ्र ही सुन्नी से विभिन्न रूट के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह इलेक्ट्रिक बसें एक बार फुल चार्ज करने के बाद 150 किलोमीटर तक चलेंगी, इसलिए इन इलेक्ट्रिक बसों को दूर के रूटों पर ना भेजकर छोटे रूटों पर ही भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिमला के आसपास के क्षेत्र के लोगों विशेषकर बुजुर्गों की एचआरटीसी के छोटे वाहनों या टैक्सी की मांग को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा टैक्सियां लगाई जाएगी जिसके लिए निगम के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि टैक्सियों की सुविधा के साथ-साथ निजी बसों के रूट भी दिए जाएंगे ताकि शहर के आसपास के क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रदेश की सड़कों से संबंधित बैठक की थी, जिस कारण छैला-यशवंत नगर-नेरीपुल सड़क के अपग्रेडेशन के लिए 203 करोड़ रुपए की राशि तथा रामपुर के टिककर-ख़माडी सड़क की शेष बची सड़क के अपग्रेडेशन के लिए 36 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है जिस पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा देना प्रदेश सरकार का प्रयास है।
इस अवसर पर हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, जिला परिषद सदस्य प्रियंका तंवर एवं अनीता शर्मा, बीडीसी अध्यक्ष टूटू जीत सिंह, पीसीसी महासचिव चंद्रशेखर शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष टूटू देवेंद्र ठाकुर, ब्लोक्ल कांग्रेस अध्यक्ष बसंतपुर गोपाल शर्मा, एडीसी शिमला सचिन शर्मा, एडीएम ज्ञान सागर नेगी, एसडीएम शहरी सनी शर्मा, एसडीएम ग्रामीण मनजीत शर्मा, हिमाचल पथ परिवहन निगम के डीएमपवन शर्मा, डीएम देवा सेन नेगी सहित बड़ी संख्या में अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।