रेखा चंदेल/झंडूता। बिलासपुर जिला के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मेहरी काथला के गांव काथला में सरकारी रास्ते पर पिछले 13 वर्षों से अवैध कब्जा किया गया है। इस समस्या को लेकर गांव के लोगों में काफी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सरकारी रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिससे आम लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। इस मामले में उच्च न्यायालय शिमला ने 13 मार्च 2014 को अवैध कब्जा हटाने के स्पष्ट आदेश दिए थे।
इसके बावजूद प्रशासन द्वारा आज तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बाद में तहसीलदार घुमारवीं ने 18 जून 2025 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत बेदखली के आदेश भी पारित किए, लेकिन यह कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रह गई।
इस अवैध कब्जे का सबसे अधिक असर गांव के दिव्यांग निवासी महेंद्र सिंह और उनके परिवार पर पड़ रहा है। महेंद्र सिंह ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनकी लगभग 200 बीघा भूमि बंजर पड़ी हुई है, क्योंकि वहां तक खेती के साधन ले जाना संभव नहीं हो पा रहा है। इससे उनका परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।
ग्रामीणों ने इस समस्या को ग्राम सभा में भी उठाया और उपायुक्त तथा एसडीएम को संयुक्त ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है। गांव वासियों का कहना है कि वे पिछले 13 वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर रास्ता बहाल नहीं किया गया, तो वे एसडीएम कार्यालय घुमारवीं का घेराव करेंगे और धरना-प्रदर्शन करेंगे। वहीं, एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने कहा कि मामला संज्ञान में है। जल्द ही मामले में उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।