देहरा। वर्षों तक परदेस की कड़ी धूप में खून-पसीना बहाकर पाई-पाई जोड़ने वाले एक एनआरआई (NRI) को क्या मालूम था कि जिस ससुराल पर उसने आंख मूंदकर भरोसा किया, वही उसके सपनों का सबसे बड़ा लुटेरा बन बैठेगा।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस जिला देहरा ने एक बेहद हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज साजिश का भंडाफोड़ करते हुए ससुराल पक्ष की इस खौफनाक चालबाज़ी से पर्दा उठाया है।
दुबई से लौटे एक शख्स की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले इस 'पारिवारिक षड्यंत्र' में पुलिस ने अब तक 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद कर ली है और मास्टरमाइंड ससुराल पक्ष के 7 आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है। क्या है पूरा मामला बताते हैं विस्तार से ....
मामले की पटकथा गांव मोवा निवासी अविनाश से जुड़ी है, जिसने वर्ष 2013 से 2025 तक दुबई में बतौर सेल्स एग्जीक्यूटिव काम करते हुए पाई-पाई जोड़ी थी। अविनाश ने अपनी गाढ़ी कमाई से हीरे-सोने के आभूषण खरीदे और बैंक से करीब 2.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी निकालकर पूरी अमानत अपने ससुराल पक्ष को सुरक्षित रखने के लिए सौंप दी।
लेकिन मार्च 2026 में लालच ने रिश्तों की मर्यादा तार-तार कर दी। 10 मार्च को ससुरालियों ने बिना बताए पूरी नकदी, आभूषण, पासपोर्ट, जमीन के कीमती कागजात और अमेरिकी डॉलर किसी गोपनीय ठिकाने पर शिफ्ट कर दिए।
जब अविनाश ने अपनी अमानत वापस मांगी, तो ससुराल वालों ने एक शातिराना ड्रामा रचा। उन्होंने अविनाश को झांसा दिया कि 'कोई अज्ञात लोग सारा माल ले उड़े हैं' और तो और, जांच की दिशा मोड़ने के लिए यह झूठी कहानी भी गढ़ी कि 'गुजरात पुलिस और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उनके घर पर छापेमारी कर सब कुछ जब्त कर लिया है।'
लेकिन यह झूठा ताना-बाना देहरा पुलिस की पैनी नजरों के सामने टिक न सका। जब देहरा के एसपी संदीप धवल ने गुजरात और अन्य संबंधित एजेंसियों से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया, तो यह पूरी रेड महज एक मनगढ़ंत और फर्जी दांव निकली।
29 जून 2026 को रक्कड़ पुलिस थाने में एफआईआर (No. 36/2026) दर्ज होते ही मामला गरमा गया। मामले के गम्भीर मोड़ को देखते हुए देहरा के एसपी संदीप धवल ने एएसपी आर.पी. जसवाल और एसडीपीओ ज्वालामुखी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
SIT ने जब तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर ससुरालियों को घेरा, तो उनके बयानों के विरोधाभास ने साजिश की एक-एक परत उधेड़कर रख दी।
पुलिस के चाबुक के आगे आरोपियों ने घुटने टेक दिए। इस मामले में पुलिस ने डेराबस्सी (चंडीगढ़/पंजाब) और हिमाचल के अन्य इलाकों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी अभी अंतरिम जमानत पर हैं जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है।
नकद धनराशि: ₹90 लाख नकद
विदेशी मुद्रा: 801 अमेरिकी डॉलर (US Dollars)
सोना व आभूषण: 1 किलो 324 ग्राम सोना, बेसकीमती हीरे और चांदी के जेवरात
दस्तावेज व अन्य: खाली ब्रीफकेस, शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी के पासपोर्ट तथा जमीन के असली दस्तावेज
एसपी संदीप धवल ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मामले में 50 से 60 प्रतिशत संपत्ति की बरामदगी हो चुकी है और बाकी बचे जेवरात व नकदी की रिकवरी भी जल्द ही कर ली जाएगी।
हालांकि, कानून का शिकंजा यहीं खत्म नहीं हुआ है। पुलिस अब सिक्के के दूसरे पहलू की भी तफ्तीश कर रही है। शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई इस भारी-भरकम राशि के सोर्स ऑफ इनकम (आय के स्रोत), इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और आभूषणों की खरीद से जुड़े पक्के बिलों की गहनता से जांच की जा रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।