मंडी। बारिश और बर्फबारी के बाद हिमाचल प्रदेश में भूकंप हुआ है। मंडी जिला में शनिवार को धरती भूकंप के झटके महसूस किए गए। शनिवार दोपहर 3 बजकर 49 मिनट पर ये धरती हिली। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 आंकी गई है।
इसकी गहराई करीब पांच किलोमीटर आंकी गई है। मंडी जिला सहित साथ लगते इलाकों में भी ये झटके महसूस किए गए। हालांकि इसके कारण किसी तरह के जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
गौर हो कि इससे पहले 5 जनवरी 2026 को भी मंडी जिला में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जनवरी माह में दूसरी बार मंडी जिला में भूकंप आया है।
अगर भूकंप के वक्त आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं।
घर में किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे बैठकर हाथ से सिर और चेहरे को ढकें।
भूकंप के झटके आने तक घर के अंदर ही रहें और झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलें।
अगर रात में भूकंप आया है और आप बिस्तर पर लेटे हैं तो लेटे रहें, तकिए से सिर ढक लें।
घर के सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें।
अगर आप भूकंप के दौरान मलबे के नीचे दब जाएं तो किसी रुमाल या कपड़े से मुंह को ढक लें।
मलबे के नीचे खुद की मौजूदगी को जताने के लिए पाइप या दीवार को बजाते रहें, ताकि बचाव दल आपको तलाश सके। अगर आपके पास कुछ उपाय ना हो तो चिल्लाते रहें और हिम्मत ना हारें।
भूकंप के वक्त अगर आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
अगर आप गाड़ी चला रहे हो तो उसे रोक लें और गाड़ी से बाहर ना निकलें।
किसी पुल या फ्लाईओवर पर गाड़ी खड़ी ना करें। भूकंप के समय अगर आप घर में हैं तो बाहर ना निकलें।
अगर आप भूकंप के वक्त मलबे में दब जाएं तो माचिस बिल्कुल ना जलाएं। इससे गैस लीक होने की वजह से आग लगने का खतरा हो सकता है।
भूकंप आने पर घर में हैं तो चलें नहीं। सही जगह ढूंढें और बैठ जाएं। घर के किसी कोने में चले जाएं, कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें।
भूकंप के वक्त लिफ्ट के इस्तेमाल बिल्कुल ना करें। साथ ही कमज़ोर सीढ़ियों का इस्तेमाल भी न करें। क्योंकि लिफ्ट और सीढ़ियां दोनों ही टूट सकती हैं।
भूकंप में अगर मलबे में दब जाएं तो ज़्यादा हिले नहीं और धूल ना उड़ाएं। आपके आप-पास जो चीज मौजूद हो उसी से अपनी मौजूदगी जताएं।
भूकंप के दौरान आप पैनिक न करें और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं।