शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की लगातार हो रही भारी बारिश के बीच सुक्खू सरकार ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अब से खराब मौसम के कारण यदि किसी जिले में स्कूल बंद किए जाते हैं, तो वहां केवल छात्रों को ही नहीं, बल्कि शिक्षण (Teachers) और गैर-शिक्षण (Non-Teaching) दोनों श्रेणी के कर्मचारियों को भी पूर्ण अवकाश रहेगा।
गौर हो कि इससे पहले तक की व्यवस्था में स्कूल बंद होने पर भी शिक्षकों और स्टाफ को संस्थान में उपस्थित रहना पड़ता था। इसे लेकर लोगों ने कई बार सवाल भी उठाए थे।
इसी के साथ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने साफ किया कि हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों की भौगोलिक परिस्थितियां और मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं है। जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की स्थिति मैदानी इलाकों से बिल्कुल भिन्न होती है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, पूरे प्रदेश के लिए एक साथ अवकाश घोषित करना बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है।
राज्य सरकार ने करीब दो वर्ष पहले ही यह अधिकार स्थानीय प्रशासन को सौंप दिया था। भविष्य में भी संबंधित जिलों के उपायुक्त (DC) और उपमंडलाधिकारी (SDM) मौसम और जमीनी परिस्थितियों का खुद आकलन कर अपने स्तर पर अवकाश घोषित कर सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने सभी जिलाधीशों को निर्देश दिए हैं कि वे मौसम की गंभीरता को देखते हुए समय रहते छुट्टियों का निर्णय लें, ताकि सुबह स्कूल के लिए निकलने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों में किसी प्रकार का भ्रम या असमंजस न रहे।