ज्वालामुखी। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ज्वालामुखी विधानसभा की घूरकाल पंचायत के ठेहडा में 'किसान गोष्ठी' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक (ज्वालामुखी) संजय रतन जी ने शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत में विषयवाद विशेषज्ञ (देहरा) रंजन कमल शर्मा ने विधायक का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित किसानों को जानकारी दी कि 'एग्रीस्टैक पोर्टल' पर पंजीकरण करवाना क्यों अनिवार्य है।
साथ ही, आत्मा परियोजना कांगड़ा की उप-परियोजना निदेशक डॉ. वैशाखा पॉल ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार किसानों को प्राकृतिक हल्दी पर 150 रुपए प्रति किलोग्राम, प्राकृतिक मक्की पर 50 प्रति किलोग्राम और प्राकृतिक गेहूं पर 80 प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दे रही है, जो कि किसी भी राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला अब तक का सबसे अधिक समर्थन मूल्य है।
इस मौके पर विधायक संजय रतन ने किसानों को रसायनों से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने अपील की कि किसान अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती को अपनाएं और खुद के साथ-साथ अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए भी रसायनमुक्त खेती करें। इस अवसर पर किसानों को नींबू, आंवला, अमरूद और जामुन के पौधे भी वितरित किए गए।
किसान गोष्ठी में बीटीएम (BTM) देहरा डिम्पल ठाकुर, कृषि विकास अधिकारी (ADO, खुडियां) इदु खान, एटीएम (ATM) देहरा दीपक ठाकुर, लक्षिता गोयल, ग्राम पंचायत घूरकाल के प्रधान सुशील कुमार, उपप्रधान चंदू कुमार और सभी वार्ड सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।