ऋषि महाजन/नूरपुर। मनरेगा का नाम बदलने को लेकर देश सहित प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज है। इस मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार को आड़े हाथ ले रहा है। वहीं, भाजपा ने भी वीबी जी राम जी जनजागरूकता अभियान छेड़ रखा है।
इसी कड़ी में शनिवार को नूरपुर में वीबी जी-राम-जी जन जागरूकता अभियान के तहत भाजपा नेताओं ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता में सरकार की नीतियों, ग्रामीण कल्याण और मनरेगा से जुड़े सुधारों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक सुलह विपिन सिंह परमार ने प्रेस वार्ता में ग्रामीण विकास और रोजगार को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
इस अवसर पर नूरपुर के विधायक रणबीर सिंह निक्का, इंदौरा की पूर्व विधायक रीता धीमान, प्रदेश कार्यकरणी सदस्य प्रदीप शर्मा, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष नूरपुर राजेश काका, जिला महामंत्री कुलदीप डोगरा व राजेश्वर ठाकुर, युवा जिला अध्यक्ष सभ्य लोहटिया, ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन चौधरी भी उपस्थित रहे।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक सुलह विपिन सिंह परमार ने कहा कि भारत मूल रूप से गांवों का देश है, जहां लगभग 75 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। पहले बजट का बड़ा हिस्सा शहरों पर खर्च होता था और गांवों को केवल 25 प्रतिशत मिलता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए अब बजट का बड़ा हिस्सा गांवों के विकास पर खर्च किया जा रहा है।
विपिन सिंह परमार ने यह भी स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश को पहले की तरह 90:10 के अनुपात में केंद्र सरकार की सहायता मिलती रहेगी और ग्रामीण सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। हमारी सरकार गांवों की समस्याओं को प्राथमिकता देती है और विकास को हर गांव, हर व्यक्ति तक पहुंचाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर उन्होंने कहा कि इस बार 1.51 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, यदि किसी पात्र व्यक्ति को रोजगार नहीं मिलता तो उसे भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।विपिन सिंह परमार ने कहा कि हाल ही में मनरेगा का नाम बदलने को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, लेकिन योजना अब भी ग्रामीण गरीबों के लिए सुरक्षा कवच बनी हुई है।
विपिन सिंह परमार ने विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में गंभीर विषयों पर चर्चा से विपक्ष बचता रहा। नारी शक्ति अधिनियम पर संसद में लगभग 18 घंटे तक बहस हुई और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान देर रात तक सदन में मौजूद रहे, लेकिन जब सरकार की ओर से जवाब देने का समय आया तो विपक्ष ने केवल शोर-शराबा और हंगामा किया, लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया।
भाजपा की विचारधारा पर बोलते हुए विपिन सिंह परमार ने कहा कि पार्टी का मूल मंत्र अंत्योदय है, यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना। उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले कांग्रेस ने योजनाओं के केवल नाम बदले, जबकि मौजूदा सरकार वास्तविक सुधार कर रही है।