ऋषि महाजन/नूरपुर। जवाली सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 6.42 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड क्षमता वाला नया अस्पताल भवन निर्माणाधीन है। इसके साथ ही पुराने भवन की मजबूती के लिए 68 लाख रुपये की रेट्रोफिटिंग करवाई गई है, ताकि मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण मिल सके।
अस्पताल भवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिटेनिंग वॉल के निर्माण तथा परिसर में इंटरलॉकिंग ब्लॉक बिछाने के लिए 37.34 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं दरवाजों, खिड़कियों, छत की पेंटिंग, सैनिटरी आइटम और अन्य मरम्मत कार्यों हेतु 10.77 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। एक्स-रे मशीन और अल्ट्रासाउंड सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जा रहा है। पुराने भवन की रूफिंग और सीलिंग बदलने पर भी लाखों रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए आवश्यक सामग्री का वितरण किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के संकल्प को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अस्पतालों के भवन, मशीनरी और आधारभूत ढांचे को उन्नत किया जा रहा है।
पिछले माह की घोषणा के अनुरूप अस्पताल को 102 कंबल, 80 बेडशीट, 80 टॉपशीट, 70 तकिए और 80 पिलो कवर प्रदान किए गए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मरीजों की मूलभूत आवश्यकताओं, स्वच्छता और सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है, ताकि आमजन को घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन भवनों का निर्माण 50 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, उन्हें अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि कार्य शीघ्र पूर्ण हो और जनता को समयबद्ध रूप से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।